गवर्नर से मिलकर राजभवन से बाहर आते भाजपा नेता।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काफिले की सुरक्षा में चूक को लेकर पंजाब भाजपा के नेता गुरुवार सुबह राजभवन पहुंचे। जहां उन्होंने राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित से मुलाकात की और इस पूरे मामले में गृहमंत्री और डीजीपी को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने दोनों को साजिश का कर्ताधर्ता बताते हुए बर्खास्तगी की मांग की। भाजपा अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने पंजाब सरकार द्वारा इसकी जांच के लिए बनाई गई कमेटी को सिरे से खारिज करते हुए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को इस साजिश का सरगना बताया।
प्रधानमंत्री बुधवार को मौसम खराब होने के कारण बठिंडा से सड़क से फिरोजपुर पहुंच रहे थे। तलवंडी भाई-फरीदकोट के बीच कुछ प्रदर्शनकारियों ने रास्ता जाम कर लिया। प्रदर्शनकारियों ने मोदी के काफिले को पंद्रह मिनट तक वहीं रोके रखा और फिरोजपुर जाने को रास्ता नहीं दिया। प्रधानमंत्री को मजबूरी में वापस बठिंडा आना पड़ा जहां से वह दिल्ली लौट गए। इसके बाद उनकी सुरक्षा को लेकर कांग्रेस को छोड़कर लगातार भाजपा सहित अन्य विपक्षी दल सवाल खड़े कर रहे हैं।
भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल पंजाब प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा की अध्यक्षता में राजभवन पहुंच गया। अश्वनी शर्मा ने बताया कि हमने राज्यपाल से पंजाब के गृहमंत्री और डीजीपी को सस्पेंड करने का अनुरोध किया है। सरकार द्वारा प्रधानमंत्री की अगवानी के लिए प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया। साथ ही यह सवाल भी अभी तक खड़ा हुआ है कि प्रधानमंत्री की राह की सूचना किसके द्वारा लीक की गई है। अब सरकार इस मामले की लीपापोती करने के लिए जांच कमेटी बना रही है, जबकि पंजाब के लोग सरकार की मंशा को पूरी तरह जान चुके हैं कि सरकार के नुमाइंदों द्वारा यह पूरी पटकथा लिखी गई है।