विधायक बलराज कुंडू के आरोपों के बावजूद सीएम से क्लीनचिट पाने वाले पूर्व सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर का कहना है कि कुंडू महत्वाकांक्षी नेता हैं। जल्दी से जल्दी ताऊ देवीलाल की तरह बड़ा नेता बनकर पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा को पीछे करके बड़े जाट नेता बनना चाहते हैं। इसलिए मेरे ऊपर अनाप शनाप आरोप लगाए हैं। जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान रोहतक में हुई हिंसा में शामिल होने का जब कुंडू ने आरोप लगाया तो मेरा धैर्य जवाब दे गया। इसलिए अदालत में न्याय के लिए अर्जी दाखिल की है।
ग्रोवर रविवार को मीडिया के सवालों का जवाब दे रहे थे। ग्रोवर ने कहा कि विधानसभा चुनाव में महम हलके की जनता ने राष्ट्रीय पार्टी भाजपा व कांग्रेस के प्रत्याशी को हराकर आजाद उम्मीदवार बलराज कुंडू पर इसलिए विश्वास जताया था कि वे हलके का ज्यादा से ज्यादा विकास करवाएंगे। विधायक बनने के बाद कुंडू विकास कराने की जगह महत्वाकांक्षी बन गए। वे चाहते हैं कि ताऊ देवीलाल की तरह बड़ा नेता बनकर इस इलाके में पूर्व सीएम हुड्डा को पीछे करके बड़ा नेता बन जाऊं। पांच साल खामोश रहने वाले कुंडू ने इसी चक्कर में मुझ पर बेबुनियाद आरोप लगाए हैं।
शुगर मिलों में शीरे के रेटों में भ्रष्टाचार के आरोप पर ग्रोवर ने कहा कि बंटवारे के बाद मेरे पूर्वज पश्चिमी पाकिस्तान से आए और सिंहपुरा खुर्द में आकर रहने लगे। मेरे पिता व माता ने रोहतक के चंद्रसेन गुप्ता की गुप्ता ड्रम कंपनी में नौकरी की, बाद में भागीदार बन गए। 1971 में आहूजा बैरल कंपनी बना ली। जबकि मैं मंत्री अब आकर बना हूं। दूसरा, शुगर मिलों के अंदर एक कमेटी होती हैं, जिसमें किसानों द्वारा चुने गए प्रतिनिधि व अधिकारी शामिल होते हैं। वही कमेटी सभी निर्णय लेती है। सरकार का कोई दखल नहीं होता। इसके बावजूद बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं।