फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ludhiana: दिन में हुई थी बात, शाम को आई मनदीप की शहादत की खबर... गम में डूबे परिवार ने मांगा न्याय

Fri, 21 Apr 2023 03:24 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)

सार

मनदीप सिंह की शहादत की खबर जैसे ही गांव में पहुंची, पूरे गांव में मातम पसर गया। एसडीएम पायल जसलीन कौर भुल्लर ने बताया कि शहीद मनदीप सिंह का अंतिम संस्कार शनिवार सुबह 11 बजे उनके गांव में राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।
 
विज्ञापन
शहीद मनदीप सिंह। - फोटो : फाइल
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जम्मू-कश्मीर के पुंछ में हुए आतंकी हमले में लुधियाना के दोराहा के गांव चणकोइयां के मनदीप सिंह (39) भी शहीद हो गए हैं। हवलदार मनदीप सिंह के शहीद होने की खबर सैन्य अधिकारियों ने उनके घर फोन कर दी। 
विज्ञापन




मनदीप सिंह 17 साल पहले 2005 में भारतीय सेना में शामिल हुए थे। चार मार्च को वह 20 दिन की छुट्टी काटकर वापस ड्यूटी पर लौटे थे। मनदीप सिंह के परिवार में उनकी मां बलविंदर कौर, पत्नी जगदीप कौर, बेटा करणदीप सिंह, बेटी खुशदीप कौर, छोटा भाई जगपाल सिंह और जगजीत सिंह हैं। मनदीप के पिता का 2012 में निधन हो गया था। 

यह भी पढ़ें:  Moga: पिता ने कारगिल में दी थी शहादत, जवान कुलवंत सिंह ने पुंछ में दिया बलिदान... आंसुओं में डूबा चड़िक
विज्ञापन


मनदीप सिंह की शहादत की खबर जैसे ही गांव में पहुंची, पूरे गांव में मातम पसर गया।  एसडीएम पायल जसलीन कौर भुल्लर ने बताया कि शहीद मनदीप सिंह का अंतिम संस्कार शनिवार सुबह 11 बजे उनके गांव में राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: Bathinda: परिवार के इकलौते बेटे थे सेवक सिंह, बुखार में भी कर रहे थे ड्यूटी.. मां से किया वादा रह गया अधूरा

मनदीप सिंह की माता बलविंदर कौर ने बताया कि कल ही बेटे से फोन पर बात हुई थी। बिल्कुल ठीकठाक था। शाम को फोन पर शहादत की सूचना मिली। वहीं शहीद की पत्नी जगदीप कौर ने कहा कि गुरुवार दोपहर ही उनकी फोन पर बात हुई थी। जगदीप कौर ने कहा कि मेरे पति की कुर्बानी व्यर्थ नहीं जानी चाहिए। उन्होंने सरकार से मांग की कि ऐसे हमलों को रोकना चाहिए। वहीं शहीद के चाचा जसवीर सिंह भारतीय सेना से रिटायर हैं। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में काफी समय से ऐसे हमले हो रहे हैं जिसमें जवान शहीद होते हैं। उन्हें भतीजे को कुर्बानी पर फख्र है।  
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें