पांच घंटे तक शव अस्पताल के गेट पर पड़ा रहा, चश्मदीदों के अनुसार डॉक्टर कह रहा था कि काला खून आ रहा है और गिरते ही उनकी मौत हो गई, ये पुलिस का केस है। उधर बेटे सतनाम ने कहा कि डॉक्टर और स्टाफ ने इंसानियत दिखाई होती तो शायद पिता की जान बच जाती। हैरानी की बात है कि घटनास्थल से सिर्फ चार किलोमीटर दूर आम आदमी क्लीनिक खोला गया है। पुलिस ने शिकायत के बाद जांच शुरु कर दी है।
स्वास्थ्य विभाग ने दिया जांच का आदेश
डॉ प्रभाकर बोले- कंधे में दर्द की शिकायत थी, हो सकता है हार्ट अटैक आया हो। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच का आदेश दिया और ड्यूटी पर आए डॉक्टर प्रभाकर को मामले से जुड़े सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रिपोर्ट सौंपने को कहा। डॉ. प्रभाकर ने बताया कि सीसीटीवी लगा है, उसमें अंदर आते समय उनकी शर्ट पर खून लगा दिखाई दिया और बाथरूम में खून मिला लेकिन गेट पर सिर्फ लड़खड़ाते दिख रहे हैं गिरने के बाद क्या हुआ कुछ नहीं दिखा।
उस दौरान ड्यूटी पर मौजूद डॉ. तरसेम ने उनका चेकअप किया और कंधे का एक्स-रे भी करवाया था। मृतक नौ बजे के करीब इलाज के लिए आया था और सवा 10 बजे गिरते दिखाई पड़े, स्टाफ कम था इसलिए उधर किसी ने ध्यान नहीं दिया, बाकी मौत का कारण पोस्टमार्टम के बाद पता चलेगा। घटना के बाद डॉक्टर तरसेम 11 बजे के बाद अस्पताल में नहीं दिखे, जबकि उनकी ड्यूटी 2 बजे तक है।