चंडीगढ़। पंजाब कला भवन चंडीगढ़ में पंजाब कला परिषद द्वारा डॉ. एमएस रंधावा मेमोरियल आर्ट फेस्टिवल का आयोजन किया गया। फेस्टिवल के दूसरे दिन चेयरमैन डॉ. सुरजीत पातर के मार्गदर्शन में लेखक जंग बहादुर गोयल ने दर्शकों और पाठकों से मुलाकात की।
कार्यक्रम ‘तेरे सनमुख’ का संचालन करते हुए परिषद के मीडिया अधिकारी निंदर घुगियांवी ने जंग बहादुर गोयल के बहुमुखी व्यक्तित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। अपने संबोधन में गोयल ने अपनी रचनात्मक प्रक्रिया, जीवन के अनुभव, साहित्यिक अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि उन्होंने खुद को कलम के लिए समर्पित कर दिया है। हालांकि वह एक आईएएस अधिकारी थे, फिर भी वह साहित्यिक सृजन में लगे रहे। पाठकों ने उनकी रचनाओं को बहुत प्यार दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए परिषद के उपाध्यक्ष डॉ. योगराज ने कहा कि जंग बहादुर गोयल एक ऐसे लेखक हैं, जिन्होंने ‘विश्व की उत्कृष्ट कृतियों’ सहित 66 पुस्तकें लिखी हैं। डॉ. योगराज और निंदर घुगियांवी ने भी परिषद की ओर से गोयल को सम्मानित किया। इस मौके पर लेखक हरदयाल थूही, दीवान माना, प्रीतम रूपल, गायक हरिंदर सोहल, डॉ. गुरमेल सिंह, सुभाष भास्कर आदि मौजूद थे।
‘साहित्य ही मेरा दूसरा प्यार’
जंग बहादुर ने बताया कि जब भी कोई लेखक नया प्रयोग करता है तो लोग उसके नए प्रयोग पर बातें करते हैं। इसके बावजूद अगर वह लेखक नए प्रयोग में कामयाब होता है तो वहीं लोग उसकी प्रशंसा भी करने लगते हैं। साहित्य ही मेरा दूसरा प्यार है। अपने नॉवल ओल्ड मेन एंड सी के बारे में उन्होंने बताया कि हमें सपने लेने नहीं छोड़ने चाहिए, क्योंकि अगर हम सपने लेना छोड़ देंगे तो हमारी जिंदगी स्थिर हो जाएगी।
रंगारंग कार्यक्रम में कलाकारों ने दी प्रस्तुति
शाम को रंधावा ऑडिटोरियरम में कलाकारों ने शानदार प्रस्तुतियों देकर हॉल में उपस्थित लोगों की तालियां बटोरीं। इनमें कलोरी आर्ट एवं क्लचर एसोसिएशन की ओर से लोकगीतों पर प्रस्तुति दी गई। वहीं इसके बाद मलवाई गिद्दे पर भी कलाकारों ने प्रस्तुति दी।