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खुलासाः आतंकियों को देश में 'रईस' की तलाश, भारतीय सेना हुई अलर्ट

Thu, 20 Apr 2017 09:30 AM IST
मोहित धुपड़/अमर उजाला, चंडीगढ़
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pak border - फोटो : pak border
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आतंकी संगठनों की निगाहें देश के विभिन्न शहरों में ‘रईस’ की तलाश कर रही है। यह खुलासा होने के बाद भारतीय सेना अलर्ट हो गई है। ये आतंकी संगठन अब अपने मिशन को अंजाम देने के लिए लोकल गैंगेस्टर और अपराधियों को मोहरा बनाने की फिराक में हैं।
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आतंकी संगठनों का मानना है कि ये स्थानीय अपराधी उनके मिशन को अंजाम तक पहुंचाने में मददगार साबित हो सकते हैं। यह खुलासा सेना की एक स्पेशल विंग की रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट के बाद सेना सतर्क हो गई है। सेना की नजर अब राज्यों के स्थानीय व बड़े गैंगेस्टरों पर है।

विभिन्न राज्यों की पुलिस व खुफिया एजेंसियों से समन्वय बनाकर सेना गैंगेस्टरों की न केवल सूची तैयार करेगी बल्कि उनके  नाम, पते और मोबाइल नंबर की जानकारी भी जुटाएगी। उतर भारत के विभिन्न राज्यों में सेना ने गैंगेस्टरों का डाटा जुटाने की कवायद शुरू भी कर दी है।
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पंजाब में 468 गैंगस्टर्स पर खास नजर

बॉर्डर क्षेत्र
उतर भारत में सेना की यह कवायद हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, हिमाचल प्रदेश व जम्मू में शुरू हो गई है। फिलहाल सेना  पंजाब के विभिन्न शहरों में छोटे-बड़े 468 गैंगेस्टरों और स्थानीय अपराधियों पर खास नजर रखेगी।

पुलिस व अन्य खुफिया एजेंसियों की मदद से सेना ने इन अपराधियों का डाटा जुटा लिया है, जबकि  हरियाणा में भी अपराधियों की जानकारियां एकत्रित करने में सेना जुटी है। रिपोर्ट के मुताबिक पंजाब के  ये छोटे-बड़े गैंगस्टर आतंकी संगठनों के खास निशाने पर हैं।
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इस तरह लोगों को फंसाते हैं आतंकी संगठन

बॉर्डर पर नशे की तस्करी
दरअसल, आतंकी संगठनों के सदस्य जैसे-तैसे देश में घुसपैठ तो कर जाते हैं लेकिन अपने मिशन को अंजाम तक पहुंचाने में उन्हें एक स्थानीय नेटवर्क की जरूरत पड़ती है। इसके लिए अमूमन आतंकवादी स्थानीय गरीब व जरूरतमंद यूथ को अपने जाल में फंसाते रहे हैं।

लेकिन अब उनकी निगाहें स्थानीय गैंगेस्टर और अपराधियों पर है। स्थानीय अपराधी मोटे पैसे की लालच में आसानी से गुमराह हो जाते हैं, लिहाजा आतंकी अपने मिशन को पूरा करने में इन लोगों को भारी राशि देकर आसानी से उन्हें मोहरे की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं।
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