रितू के ब्रांज और विनेश के सिल्वर पदक जीतने पर कोच द्रोणाचार्य अवार्डी पहलवान महाबीर फौगाट ने खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि जापान के खिलाड़ियों में भारतीय पहलवानों से अधिक फुर्ती है। अभी उनकी बेटियों सहित देश के अन्य पहलवानों को जापान के पहलवानों को चुनौती देने के लिए और अभ्यास की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि बेटियों का लक्ष्य गोल्ड मेडल ही था। उन्होंने कहा कि आगामी प्रतियोगिताओं के लिए अब रितू, विनेश व बबीता को तैयारियां करवाई जाएंगी। उन्होंने बताया कि मुकाबलों का प्रसारण न होने पर उन्होंने इंटरनेट के जरिए ही दोनों बहनों के मुकाबले देखे। अंतरराष्ट्रीय महिला पहलवानों के परिजनों ने भविष्य में इस तरह की प्रतियोगिता का प्रसारण करने की मांग भी खेल मंत्रालय से की है।
फौगाट बहनों के एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में अच्छे प्रदर्शन से क्षेत्र में खुशी की लहर है। विनेश फौगाट ने 55 किलोग्राम भारवर्ग में सिल्वर पदक हासिल किया तो वहीं उनकी चचेरी बहन रितू फौगाट ने 48 किलोग्राम भारवर्ग में देश का प्रतिनिधित्व करते हुए कांस्य पदक देशी की झोली में डाला।