चंडीगढ़। अग्रवाल समाज का इतिहास गौरव व गरिमा से परिपूर्ण रहा है। महाराजा अग्रसेन ने अपने जीवन में समाज को नई दिशा प्रदान की। महाराजा अग्रसेन की शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक व प्रेरणादायी हैं। अग्र समाज के लोगों का बुद्धिमत्ता व कौशल के क्षेत्र में कोई मुकाबला नहीं है। यह महाराजा अग्रसेन का आशीर्वाद है। देश के आजादी आंदोलन में अग्र समाज की भूमिका अहम रही है।
यह बात हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सेक्टर-17 स्थित सर्कस ग्राउंड में अखिल भारतीय अग्रवाल मैत्री संघ द्वारा आयोजित अग्र समाज के 5143वें स्थापना दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अग्रवाल समाज ने हर दौर में राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा है। उन्होंने कहा कि महाराजा अग्रसेन ने ‘एक रुपया, एक ईंट’ के सिद्धांत से समाज को आत्मनिर्भरता तथा सहयोग का मार्ग दिखाया। महाराजा अग्रसेन के दिखाए मार्ग पर चलते हुए केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के सिद्धांत पर काम कर रही है।
हरियाणा के पूर्व मंत्री एवं कार्यक्रम आयोजक असीम गोयल ने कहा कि आज के बाद महाराजा अग्रसेन नहीं, बल्कि भगवान अग्रसेन कहेंगे। उन्होंने कहा कि अग्र समाज का प्रत्येक व्यक्ति अपने घरों, दफ्तरों व प्रतिष्ठानों में भगवान अग्रसेन की प्रतिमा या तस्वीर जरूर लगाए। असीम गोयल ने अग्र समाज के अग्रणी लोगों से अपील की कि जिनके पास कोई बेटी नहीं है और वे सुविधा-संपन्न हैं, वे अपने जीवन में कम से कम एक बेटी की शादी जरूर कराएं।
इस मौके पर स्वामी संपूर्णानंद ब्रह्मचारी, प्रदीप गोयल, अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन के अध्यक्ष आनंद सिंघला, पूर्व चेयरमैन रामनिवास गर्ग, जगमोहन गर्ग, प्रदीप बंसल, पंचकूला के मेयर श्याम लाल बंसल, चंडीगढ़ के पूर्व मेयर अनूप गुप्ता, तेजेंद्र गुप्ता (टोनी), विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय संयोजक सुरेश जैन, नवीन गर्ग, दिल्ली के प्रतिनिधि नरेश ऐरन, सुनील मित्तल, पंजाब के अनुज अग्रवाल समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
महाराजा अग्रसेन के जीवन का दृष्टिकोण दिखाता है सही मार्ग : विजय शंकर मेहता
हनुमान परिवार उज्जैन के संस्थापक पंडित विजय शंकर मेहता ने महाराजा अग्रसेन के जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवन में महाराजा अग्रसेन के सिद्धांतों, जैसे अहिंसा, समाज कल्याण और समानता, को अपनाने की बेहद जरूरत है। महाराजा अग्रसेन का जीवन हमें सिखाता है कि जो भी व्यक्ति समाज में कुछ अर्जित करता है, उसे समाज और राष्ट्रहित में जरूर बांटना चाहिए।
उन्होंने मूक पशुओं की बलि रोकने का ऐतिहासिक कदम उठाया, जो करुणा का सबसे बड़ा उदाहरण है। उन्होंने कहा कि जब मनुष्य को जीवन में अपनों से ही युद्ध (वैचारिक या अन्य) करना पड़े, तब महाराजा अग्रसेन के जीवन का दृष्टिकोण हमें सही मार्ग दिखाता है। उन्होंने कहा कि महाभारत युद्ध में पांडवों को विजय दिलाने में महाराजा अग्रसेन की भूमिका अहम रही है।
राजनीतिक इच्छाशक्ति के अभाव का खामियाजा भुगत रहा पंजाब
मुख्यमंत्री ने पंजाब सरकार को घेरते हुए कहा कि पंजाब देश की शौर्य और समृद्धि की भूमि रहा है। पंजाब नंबर एक राज्य रहा है। राजनीतिक इच्छाशक्ति के अभाव के कारण पंजाब को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा है। पंजाब के लोगों को अब बयानबाजी नहीं, परिणाम चाहिए वादे नहीं, काम चाहिए राजनीति नहीं, विकास चाहिए। इसलिए पंजाब की धरती पर भी कमल खिलाइए। यह संकल्प लेना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पंजाब में भी व्यापारियों व उद्यमियों के लिए वही विकास दृष्टि लेकर आना चाहते हैं, जो हरियाणा व अन्य राज्यों में लेकर आए हैं। मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों से अपील की कि वे सुशासन के लिए पंजाब की धरती पर भी कमल खिलाने का संकल्प लें।