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हनुमान जयंती पर चंद्र ग्रहण, देखिए क्यों है खास?

Fri, 03 Apr 2015 06:29 PM IST
नीरज कुमार/अमर उजाला, चंडीगढ़
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हनुमान जयंती है और शनिवार को इस बार इस दिन चंद्र ग्रहण लगेगा। ग्रहण पूरे भारत में ग्रस्तोदय के रूप में दिखाई देगा, यानि भारत के किसी भी शहर में जब चंद्रमा का उदय होगा, उससे पहले ही ग्रहण शुरू हो चुका होगा। ग्रहण का सूतक चार अप्रैल को सुबह सूर्योदय से ही शुरू हो जाएगा। सूर्योदय का समय सुबह 6.12 बजे का है।
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चंद्र ग्रहण लगने से आठ घंटे पूर्व सूतक माना गया है। चंडीगढ़ में चंद्रोदय शाम 6.42 बजे होगा। सूर्योदय सुबह 6.12 बजे और सूर्यास्त शाम 6.39 बजे है। यह जानकारी सेक्टर-30 के श्री महाकाली मंदिर स्थित भृगु ज्योतिष केंद्र के प्रमुख बीरेंद्र नारायण मिश्रा ने दी।

स्पर्श काल................दोपहर बाद 3.46  बजे।
खग्रास..............शाम 5.28 बजे
ग्रहण का मध्य..............शाम 5.30 बजे
खग्रास समाप्त..............शाम 5.33 बजे
मोक्ष..............शाम 7.15 बजे
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इस वर्ष लगने वाले ग्रहण

-13 सितंबर को सूर्य ग्रहण
-28 सितंबर को चंद्र ग्रहण

ग्रहण काल में क्या करें क्या न करें
सेक्टर-18 के श्री राधा कृष्ण मंदिर के पुजारी लाल बहादुर दुबे व सेक्टर-30 के शिव शक्ति मंदिर के पुजारी श्याम सुंदर शास्त्री का कहना है कि ग्रहण के सूतक और ग्रहण काल में स्नान, दान, पाठ, मंत्र की साधना करना अच्छा माना गया है। मूर्ति पूजा, भगवान को भोग लगाना वर्जित है। आरती और पूजन भी निषेध माना गया है।

सेक्टर-20 के गुग्गामाड़ी श्री हनुमान मंदिर के प्रमुख पंडित किशोरी लाल व सेक्टर- 15 के जय श्रीराम ज्योतिष केंद्र के प्रमुख स्वामी राम बहादुर मिश्रा का कहना है कि इस दिन सुंदरकांड का पाठ करना बहुत ही शुभ माना गया है, लेकिन हनुमान जी की पूजा और आरती शाम 7.15 बजे करनी चाहिए। सूतक एवं ग्रहण काल में भगवान की पूजा, तेल मालिश व भोजन बनाना वर्जित है। गर्भवती स्त्री ग्रहण के समय में न सोए। सुंदरकांड का पाठ व रामचरित मानस व हनुमान चालीसा का पाठ करना शुभ होता है।
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