चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय की सेमेस्टर परीक्षाओं में कम हाजिरी छात्रों के लिए बाधा नहीं बनेगी। इसके लिए पीयू प्रशासन सात हजार से अधिक विद्यार्थियों को राहत देने जा रहा है। इसके लिए प्रारंभिक आदेश जारी कर दिए गए हैं। परीक्षाएं चाहे इसी माह हों या फिर जनवरी में, यह प्रारंभिक आदेश परीक्षा होने तक लागू रहेगा।
पीयू की सेमेस्टर परीक्षाएं हर साल दिसंबर में होती हैं। विषम सेमेस्टर की परीक्षाएं इस बार 23 दिसंबर से शुरू हो रही हैं। इन परीक्षाओं में सात हजार से अधिक विद्यार्थी इसलिए शामिल नहीं हो पा रहे थे कि उनकी हाजिरी कम थी। हालांकि, उनकी ऑनलाइन कक्षाएं चली हैं, लेकिन नेट आदि की दिक्कतों के कारण हाजिरी नहीं लग पाई। कोरोना भी एक बड़ा कारण रहा है। कई परिवार प्रभावित हुए हैं। ऐसे में विद्यार्थी कक्षाओं में हाजिर नहीं हो सके। इन छात्रों ने अपनी परेशानी कॉलेज व पीयू प्रशासन के अधिकारियों को बताई। साथ ही छात्र संगठनों ने भी पीयू पर दबाव बनाया। इसी को देखते हुए पीयू प्रशासन ने छात्रों को प्रारंभिक राहत दी है। यानी छात्र जब भी परीक्षा होगी तो उसमें शामिल हो सकेंगे। पीयू ने यह भी कहा है कि विद्यार्थी इसको आगे नजीर न बनाएं। ऐसा न हो कि अन्य परीक्षाओं में भी किसी विद्यार्थी की हाजिरी कम हों और फिर से उसे राहत प्रदान करने की मांग की जाए।
शिक्षकों को हाजिरी का ब्योरा देना होगा
पीयू प्रशासन के अधिकारियों ने छात्रों को कम हाजिरी में राहत देने की बात कही है। साथ ही सभी शिक्षकों से यह भी कहा है कि वह हाजिरी का पूरा रिकॉर्ड पंजाब विश्वविद्यालय उपलब्ध कराएं, ताकि यह पता लग सके कि कुल कितने विद्यार्थियों की हाजिरी कम हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि लगभग सात हजार विद्यार्थियों की हाजिरी कम है। हालांकि, पूरा डाटा शिक्षकों के रिकॉर्ड आने के बाद ही पता चलेगा। पीयू प्रशासन ने शिक्षकों से कहा है कि हाजिरी रजिस्टर में किसी प्रकार की कोई कांट-छांट न की जाए। कॉलेजों से भी कहा है कि वह सही रिकॉर्ड ही पेश करें। उधर, शिक्षकों की हड़ताल के कारण हाजिरी पीयू को अभी मिलना आसान नहीं लग रही। वह काम पर लौटेंगे तब बात बनेगी। काम पर कम लौटेंगे, इसकी तिथि तय नहीं है।