पाकिस्तान से छह आईईडी मंगवाने वाले आतंकी सुरमुख सिंह और लुधियाना बमकांड में मारे गए पंजाब पुलिस के बर्खास्त मुलाजिम गगनदीप सिंह के बीच मलयेशिया कनेक्शन का पता चला है। मलयेशिया में रह रहे सुरमुख के भतीजे हैप्पी ने दोनों का संपर्क कराया था। एसटीएफ की जांच में पाकिस्तान से ड्रोन के जरिये पहुंची आईआईडी को ठिकाने लगाने के बाद भुगतान किए जाने की बात सामने आई है। इस काम में गगनदीप और सुरमुख दोनों शामिल थे।
यह भी पता चला कि हैप्पी आतंकी सुरमुख सिंह के भाई का बेटा है। इसके बाद एसटीएफ ने मंगलवार को हैप्पी के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (एलओसी) जारी करा दिया। एसटीएफ की इस कार्रवाई के दो घंटे बाद ही हैप्पी के खिलाफ भारत के सभी हवाईअड्डों और बंदरगाहों पर यह संदेश पहुंच गया।
जांच में खुलासा हुआ कि मलयेशिया में बैठे हैप्पी के पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन के आतंकी लखबीर सिंह रोडे से काफी नजदीकी संबंध हैं। बताया जा रहा है कि पंजाब का माहौल खराब करने के लिए रोडे और हैप्पी के बीच मलयेशिया में तीन बार मुलाकात हो चुकी है।
लखबीर रोडे असल में हैप्पी के माध्यम से पंजाब में धमाके और उसका भुगतान करा रहा है। एसटीएफ के एक अधिकारी ने बताया कि लुधियाना बम कांड से करीब तीन माह पहले हैप्पी ने सुरमुख को गगनदीप सिंह का मोबाइल नंबर देकर धमाका करने का षड़यंत्र रचा था। हैप्पी के कहने पर ही पाकिस्तान से ड्रोन आईईडी लेकर आता था और यहां सुरमुख के इशारे पर दिलबाग सिंह बागो उसे सुरक्षित सुरमुख सिंह को देता था। हालांकि इस दौरान सुरक्षा एजेंसियां सतर्क थीं। ड्रोन के भारत आने पर सीमा पर कई बार सर्च अभियान चलाए गए लेकिन सुरमुख की खतरनाक हरकतों की भनक सुरक्षा एजेंसियों को नहीं लगी।