श्री आनंदपुर साहिब में होला मोहल्ला के दौरान पहली बार सियासी कांफ्रेंस करने पहुंची आम आदमी पार्टी की उम्मीदों पर चुनाव आयोग ने पानी फेर दिया।
आयोग द्वारा शनिवार देर शाम जारी आदेश के बाद प्रशासन ने ‘आप’ की सियासी कांफ्रेंस नहीं होने दी।
उधर, ‘आप’ नेताओं को कहना है कि अकाली दल रविवार सुबह तक कांफ्रेंस करने का दावा कर रहा था लेकिन जब ‘आप’ ने आयोग के आदेश का सम्मान करते हुए कांफ्रेंस न करने का फैसला किया तो दबाव में आकर शिअद ने भी कांफ्रेंस को धार्मिक समागम में बदल दिया।
‘आप’ के कानूनी सलाहकार हिम्मत शेरगिल ने कहा कि रिलिजस इंस्टीट्यूशंस प्रिवेंशन ऑफ मिसयूज एक्ट 1988 के तहत किसी धार्मिक स्थल पर सियासी कांफ्रेंस की मनाही है। लेकिन आयोग ने धार्मिक अवसर पर ही रोक लगा दी, जोकि एक्ट में है ही नहीं।
पार्टी ने सवा लाख रुपये चंदा इकट्ठा कर पोस्टर छपवाए थे। चालीस हजार रुपये कांफ्रेंस स्थल का किराया दिया था। सुबह एसडीएम आए और पोस्टर हटाने को कहा।
जब उनसे पूछा गया कि शिअद की कांफ्रेंस पर क्यों रोक नहीं लगा रहे तो उनके पास कोई जवाब नहीं था। आयोग का सम्मान करते हुए पार्टी ने कांफ्रेंस रद कर दी।
प्रशासन ने सारे पोस्टर हटा दिए। लोग पार्टी मेंबर बन रहे थे, उसे भी बंद करने को कहा गया। गिरफ्तार करने की धमकी दी गई लेकिन लोग आते रहे और मेंबर बनते रहे।