चंडीगढ़ के डड्डूमाजरा में लोगों ने नेताओं की एंट्री बैन कर दी है। ‘वोट मांगकर शर्मिंदा न करें, नेताजी शर्म करें’ के हार्डिंग्स भी लगा दिए हैं। साथ ही होर्डिंग्स पर ‘वोट फोर नोटा’ का भी जिक्र किया गया है। दरसल, डड्डूमाजरा के डंपिंग ग्राउंड मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। लोगों ने नेताओं की एंट्री बैन कर दी है।
डंपिंग ग्राउंड ज्वॉइंट एक्शन कमेटी के अध्यक्ष दयाल कृष्ण ने सोमवार को क्षेत्र के लोगों के साथ मिलकर होर्डिंग्स लगाए और चुनाव का बहिष्कार करने के लिए नारे भी लगाए। उन्होंने बताया कि हम लोग तिल तिल कर मर रहे हैं और यूटी प्रशासन व जनप्रतिनिधियों को हमारी फिक्र तक नहीं है। वर्षों से कचरे के प्रोसेस के लिए कहा जा रहा है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। यही हाल रहा तो यहां कोई रहने को तैयार नहीं होगा। जो लोग रह रहे हैं, उन्हें भी अपने घर और जमीन बेचकर जाना होगा।
नोटा दबाएंगे या स्टांप पेपर पर लिखवाएंगे
डंपिंग ग्राउंड ज्वॉइंट एक्शन कमेटी के सदस्य विनोद, विक्रमजीत विक्की और मिस्त्री ने बताया कि इस बार लोकसभा चुनाव में संविधान के प्रति अपना कर्तव्य निभाएंगे और एक जागरूक वोटर की तरह नोटा दबाएंगे। यदि कोई जनप्रतिनिधि डंपिंग ग्राउंड से निजात दिलाने का दम भरता है तो स्टांप पेपर पर लिखकर दे।
क्योंकि जनता काफी बेवकूफ बन चुकी है, अब नहीं बनेगी। डड्डूमाजरा सिटी ब्यूटीफुल चंडीगढ़ का हिस्सा लगता ही नहीं है। यहां की हालत एक गांव से कहीं ज्यादा खराब है। स्मार्ट सिटी का दम भरने वाले अधिकारी एक बार यहां आकर देख लें कि लोग किस हालत में रह रहे हैं। सारी पोल खुल जाएगी। हमारे क्षेत्र को इस हाल में पहुंचाने वाले नेताओं को क्षेत्र में घुसने नहीं देंगे।
लोगों का आरोप, जूस पिलाकर सांसद ने किया धोखा
डड्डूमाजरा के लोगों ने बताया कि वर्ष 2014 में डंपिंग ग्राउंड को हटाने के लिए भूख हड़ताल की थी। मौजूदा सांसद किरण खेर ने आकर हम लोगों को जूस पिलाकर हड़ताल खत्म कराई और कहा कि सत्ता में आए तो सबसे पहले डंपिंग ग्राउंड की समस्या को हल करेंगे, लेकिन सब दिखावा निकला।
सत्ता में आने के बाद सांसद देखने तक नहीं आईं कि लोग किस हाल में हैं। यही हाल कांग्रेस के सांसद का था। केंद्र और राज्य दोनों में भाजपा सरकार होने के बाद यह समस्या हल नहीं हुई तो ऐसे जनप्रतिनिधियों की जरूरत नहीं है।
सांसद का गोद लिया गांव सारंगपुर भी प्रभावित
डंपिंग ग्राउंड से न केवल डड्डूमाजरा कॉलोनी, बल्कि मलोया, सेक्टर 38, 40, 39, 14, 25, 24, धनास, ईडब्ल्यूएस कॉलोनी भी प्रभावित हैं। इतना ही नहीं सांसद का गोद लिया सारंगपुर भी डंपिंग ग्राउंड से प्रभावित है। लोगों का कहना है कि डड्डूमाजरा की समस्या का हल नहीं होगा तो हम भी उसके साथ खड़े हैं। आखिरकार वह भी हमारा ही क्षेत्र है।
40 साल पहले सुंदर कॉलोनी बनाई, आंखों के सामने बर्बाद होते देखा
डड्डूमाजरा डंपिंग ग्राउंड के सामने रह रहीं सतविंदर कौर बताती हैं कि लगभग 40 साल पहले यहां परिवार के साथ आई थीं। सामने सुंदर सा पार्क था। जहां बच्चे खेला करते थे। सुबह और शाम को लोग घूमने जाते थे। अपनी आंखों के सामने इस कचरे के पहाड़ को बड़ा होते देखा है। धीरे-धीरे न जाने कहां क्षेत्र की सुंदरता खो गई। जिस क्षेत्र में लोग ताजी हवा लेने के लिए सुबह शाम आते थे, वहां अब जहरीली हवा चल रही है। हमारे परिवार को यह जहर मार रहा है।