पाकिस्तान ने गोपाल सिंह चावला को फिर से औकाफ बोर्ड की कमेटी में शामिल कर लिया है। जिस वजह से अब एक और विवाद खड़ा हो गया है। गोपाल सिंह चावला बैसाखी के पावन अवसर पर गुरुद्वारा पंजा साहिब में खालिस्तान का दुष्प्रचार करने वाली पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (पीएसजीपीसी) के महासचिव व आतंकी गुर्गे हाफिज सईद का सहयोगी है।
उसे पाकिस्तान सरकार ने इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (औकाफ बोर्ड) की नवगठित 24 सदस्यीय समिति में शामिल करके एक और विवाद पैदा कर दिया है। करतारपुर कॉरिडोर के निर्माण को अंतिम रूप देने के मुद्दे पर दोनों देशों के अधिकारियों के बीच 16 अप्रैल को बैठक हुई थी। उसमें कॉरिडोर को लेकर बनी सहमति के बाद पाकिस्तान सरकार ने फिर गोपाल चावला को भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का इनाम दिया है।
जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान के धार्मिक मामलों के मंत्रालय और इंटरफेथ सद्भावना ने ईटीपीबी यानी औकाफ बोर्ड के पुनर्गठन के संबंध में एक अधिसूचना जारी की है। 24 सदस्यीय समिति में पाकिस्तान सरकार के उच्च आधिकारिक और गैर आधिकारिक सदस्य शामिल हैं।
आधिकारिक सदस्यों में अध्यक्ष, अतिरिक्त सचिव, सचिव (मानवाधिकार और अल्पसंख्यक मामलों के सचिव, सचिव (अल्पसंख्यक कार्य विभाग), सचिव (औकाफ, हज, धार्मिक और अल्पसंख्यक मामले) और सचिव (धार्मिक मामले और अंतर-सद्भाव) शामिल हैं। गैर आधिकारिक सदस्यों में गोपाल सिंह चावला के साथ पाकिस्तान के हिंदू, सिख और मुस्लिम सदस्यों के साथ-साथ प्रांतीय विधानसभा के मेंबर्स भी शामिल किए हैं।