केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल
सेखों ने कहा कि वह जिला प्रशासन से मंजूरी लेकर जनसभा करने आए थे लेकिन पुलिस ने भी उन पर न जाने के लिए दबाव बनाया। मौके पर पहुंचे एसएसपी डॉ. नानक सिंह ने दोनो पक्षों को मनाने की कोशिश की लेकिन खबर लिखे जाने तक अकाली दल का धरना जारी था।
वहीं धरने पर बैठे सिख संगठनों ने कहा कि अगर हरसिमरत कौर बादल उनकी मांगें मान लेती तो वह धरने को खत्म कर देंगे। किसान यूनियन सिद्धूपुरा के जगदेव संदोहा ने कहा कि सरकार किसानों के हक में स्वामीनाथन रिपोर्ट को लागू करने में विफल रही जबकि हरसिमरत कौर बादल केंद्रीय मंत्री होते हुए भी किसानों के हक की बात नहीं कर पाई। सिख संगठनों के साथ आए भुल्लर भाईचारे के लोगों ने कहा कि एसजीपीसी से उनके गुरुद्वारे और जमीन को छुड़ाया जाए।
बठिंडा जोन के आईजी एमएफ फारूकी का कहना है कि इस धरने से पुलिस का कोई वास्ता नहीं है, केवल सुरक्षा के मद्देनजर ही पुलिस तैनात है। हरसिमरत कौर बादल और अकाली दल द्वारा पुलिस पर जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वह झूठे और बेबुनियाद हैं। केंद्रीय मंत्री होने के नाते हरसिमरत कौर बादल के पास पहले से ही काफी फोर्स है, लेकिन फिर भी पुलिस को तैनात किया गया है।