फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रमेश कौशिक ने दोबारा जीता मोदी-शाह का भरोसा, 30 साल पहले ऐसे शुरू हुआ था राजनीतिक सफर

Sun, 07 Apr 2019 11:29 AM IST
ajay kumar अंकित चौहान, अमर उजाला, सोनीपत (हरियाणा)
विज्ञापन
सोनीपत से बीजेपी उम्मीदवार रमेश कौशिक
विज्ञापन

सांसद रमेश चंद्र कौशिक को दोबारा टिकट नहीं मिलने के खूब कयास लगाए जा रहे थे। लेकिन इन कयासों पर उस समय विराम लग गया, जब बीजेपी ने उन्हें अपना उम्मीदवार घोषित किया। माना जा रहा है कि विकास कार्यों के सहारे पीएम नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का भरोसा जीतने में सांसद रमेश कौशिक कामयाब रहे।

विज्ञापन


इस कारण ही भाजपा ने दोबारा से टिकट देकर रमेश कौशिक पर दांव खेल दिया और भाजपा ने बड़ी पार्टियों में सबसे पहले अपना प्रत्याशी घोषित किया है। गन्नौर के समसपुर व वर्तमान में सेक्टर 14 में रहने वाले सांसद रमेश कौशिक ने 30 साल पहले राजनीतिक कैरियर की शुरूआत की थी।

1991 में पहली बार हरियाणा विकास पार्टी के टिकट पर कैलाना हलके (वर्तमान में गन्नौर) से किस्मत आजमाई थी। हालांकि पहली बार किस्मत ने साथ नहीं दिया और वह हार गए थे। रमेश कौशिक 1996 में कैलाना हलके से जीतकर विधायक बने।
विज्ञापन


हविपा की बंसीलाल सरकार बनी तो उसमें रमेश कौशिक का बड़ा कद रहा। वह 1996-97 तक हरियाणा सरकार में सीपीएस रहे तो 1997 में उनको राज्यमंत्री बनाया गया। लेकिन चंद महीनों के बाद ही बंसीलाल ने उनको कैबिनेट मंत्री बनाते हुए श्रम समेत तीन मंत्रालय सौंप दिए। 

विज्ञापन

हविपा व भाजपा गठबंधन की इस सरकार में रमेश कौशिक 1999 तक मंत्री रहे और भाजपा के समर्थन वापसी के बाद ही वह सरकार गिरने पर मंत्री पद से हटे। इसके बाद रमेश कौशिक ने कांग्रेस के टिकट पर 2005 में राई हलके से किस्मत आजमाई और वहां से जीत दर्ज करने के बाद 2007-09 तक वह हुड्डा सरकार में एक बार फिर से सीपीएस बने। इसके बाद फिर से चुनाव मैदान में नहीं उतरे और वर्ष 2014 में भाजपा के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा और उसमें जीत दर्ज कर संसद पहुंचे। 

कांग्रेस के जगबीर मलिक को 77414 वोट से हराकर बने थे सांसद
सोनीपत को कांग्रेस का गढ़ माना जाता था। ऐसे में वर्ष 2014 में लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज करना रमेश कौशिक के लिए किसी चुनौती से कम नहीं था। क्योंकि कांग्रेस ने गोहाना से विधायक जगबीर मलिक पर दांव खेला था और लोकसभा सीट पर जाट वोटर सबसे ज्यादा होने के कारण भी रमेश कौशिक की चुनौती बढ़ रही थी।

लेकिन रमेश कौशिक के लिए सबसे अहम कांग्रेस व इनेलो दोनों के जाट प्रत्याशी होना रहा और रमेश कौशिक को उसका बड़ा फायदा मिलने पर 3 लाख 47 हजार 203 वोट मिले। जबकि जगबीर मलिक को 2 लाख 69 हजार 789 वोट मिले और इस तरह से रमेश कौशिक ने 77414 वोट से जीत दर्ज की। 

रेल कोच फैक्टरी के साथ ही नेशनल हाईवे, केजीपी शुरू हुए
सांसद रमेश कौशिक के कार्यकाल में कई बड़े प्रोजेक्ट सोनीपत को मिले और पिछले लंबे समय से लटके हुए पूरे हुए। रेल कोच फैक्टरी का शिलान्यास पीएम नरेंद्र मोदी के करने के बाद निर्माण कार्य रमेश कौशिक ने शुरू कराया। इसके अलावा केजीपी व केएमपी काफी समय से लटके हुए थे। उनका दोबारा से काम पीएम नरेंद्र मोदी के हाथों शुरू कराकर पूरा भी करा दिया है।

सोनीपत-गोहाना-जींद नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण का काम भी लगभग पूरा होने वाला है तो दिल्ली-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण का काम भी चल रहा है। इनके अलावा भी काफी काम रमेश कौशिक के समय में हुए हैं। इन कार्यों के कारण भी पीएम मोदी व अमित शाह ने सांसद पर भरोसा जताया है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें