पवन बंसल के घर के बाहर जश्न मनाते समर्थक
- फोटो : अमर उजाला
टिकट की लड़ाई में नवजोत कौर के मैदान में उतरने से बंसल की राह थोड़ी मुश्किल हो गई थी। ऐसा माना जा रहा था कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ नवजोत सिद्धू की नजदीकियों की वजह से नवजोत कौर को तवज्जो मिल सकती है। इस बीच यह चर्चा भी सामने आई कि नवजोत कौर को चंडीगढ़ से टिकट मिलने की स्थिति में बंसल को संगरूर भेजा सकता है। हालांकि इस कयास को बंसल ने खारिज कर दिया था।
युवा कांग्रेस से शुरू किया था राजनीतिक कैरियर
पंजाब के सुनाम में जन्मे पवन कुमार बंसल ने बीएससी ,एलएलबी की डिग्री हासिल की। साल 1976-77 में चंडीगढ़ युवा कांग्रेस के महासचिव बने। इसके बाद चंडीगढ़ और पंजाब के युवा कांग्रेस के प्रधान बनाए गए।
वर्ष 1984 में राज्यसभा के सदस्य बने। पहली बार साल 1991 में चंडीगढ़ से लोकसभा के लिए चुने गए। उसके बाद साल 1999, 2004 और 2009 में लोकसभा चुनाव जीता। साल 2006 में केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री और संसदीय कार्य मंत्री बने। यूपीए-2 में उन्होंने रेलमंत्री का पद संभाला।
कांग्रेस हाईकमान ने मुझ पर फिर से विश्वास जताया है। इसके लिए मैं केंद्रीय चुनाव समिति को धन्यवाद देता हूं। हाईकमान के फैसले पर खरा उतरने की पूरी कोशिश करूंगा। सभी कांग्रेसी मिलकर इस सीट पर जीत हासिल करेंगे। - पवन कुमार बंसल, कांग्रेस उम्मीदवार
शहर की जनता अब मन बना चुकी है। पवन बंसल को सभी ने देख लिया है, उनके काम करने के तरीके को जनता पहले ही नकार चुकी है। पवन बंसल को टिकट मिलने से कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है। लोगों ने पहले ही भाजपा को जिता दिया है। - संजय टंडन, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा
चंडीगढ़ की जनता नरेंद्र मोदी के नाम पर वोट देगी। कांग्रेस से किसी को भी टिकट मिले, कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है। पवन बंसल का काम शहर में शून्य रहा है। कांग्रेस ने आखिरी बार बंसल को टिकट दिया है, इसके लिए उन्हें मैं शुभकामनाएं देता हूं। -सत्यपाल जैन, पूर्व सांसद
टिकट मिलने पर पवन कुमार बंसल को बधाई के साथ ही चुनाव में उतरने का स्वागत करती हूं। अब वह आधिकारिक तौर पर कांग्रेस के उम्मीदवार हैं। चुनावों के लिए शुभकामनाएं। -किरण खेर, सांसद