मकर संक्रांति 15 जनवरी को है। वीरवार, 14 जनवरी की रात एक बजकर 26 मिनट पर सूर्य मकर राशि में प्रवेश कर रहा है। यदि सूर्य रात्रि 12 बजे के बाद मकर राशि में प्रवेश करे तो अगले दिन पुण्यकाल होता है।
इसलिए इस वर्ष मकर संक्रांति का स्नान दान और पूजा 15 जनवरी को होगा। जबकि लोहड़ी बुधवार 13 जनवरी को है। यह कहना है सेक्टर-30 के श्री महाकाली मंदिर स्थित भृगु ज्योतिष केंद्र के प्रमुख बीरेंद्र नारायण मिश्र का।
मिश्र के अनुसार इस दिन तुला लग्न और मीन राशि का चंद्रमा है। तुला और मीन राशि के लिए बहुत अच्छा है। शेष राशियों के लिए मध्यम है। इस दिन से सूर्य उत्तरायण में हो जाते हैं। इस दिन स्नान दान, जप श्राद्ध और अनुष्ठान का विशेष महत्व है।
माना जाता है कि इस अवसर पर किया गया दान सौ गुणा होकर प्राप्त होता है। इस दिन घृत, कंबल दान का विशेष महत्व है। उन्होंने बताया कि बुधवार को शाम साढ़े छह बजे के बाद लोहड़ी जलाने का शुभ समय है।
सेक्टर-18 के श्री राधा कृष्ण मंदिर के पुजारी डॉ लाल बहादुर दुबे के अनुसार मकर संक्रांति के दिन गंगा स्नान और गंगा तट पर दान का विशेष महत्व है। यदि किसी कारण गंगा में स्नान कर सकें तो गंगाजल और तिल डालकर स्नान करने से गंगा स्नान का फल मिलता है।
सेक्टर-15 के जय श्री राम ज्योतिष केंद्र के प्रमुख स्वामी राम बहादुर मिश्र के अनुसार शुक्रवार को मकर संक्रांति के दिन सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12 बज तक राहु काल है। इस समय दान नहीं करना चाहिए।