सीएम ने खुलासा किया कि प्रधानमंत्री की तरफ से मांगे गए सुझाव के अनुसार राज्य सरकार ने केंद्र को सुझाव भेजकर विभिन्न तरह की छूट देते हुए राष्ट्रीय लॉकडाउन की सिफारिश की थी, जिसे 31 मई तक बढ़ाया जाना चाहिए। केंद्र सरकार की तरफ से ग्रीन /आरेंज /रेड जोन के वर्गीकरण की बजाय केवल दो, सीमित या गैर -सीमित जोन का सुझाव दिया है।
धान की बुआई की तारीख 1 जून करना संभव नहीं
राज्य में नांदेड़ से श्रद्धालुओं और कोटा से विद्यार्थियों के आने से कोरोना के मामलों में एकदम विस्तार हुआ था लेकिन बीते चार दिनों से नए मामलों में कमी आई है। उन्होंने लोगों को सहयोग के लिए धन्यवाद किया, जिस कारण राज्य कोविड के मामलों पर काबू पा सका है। एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि धान की बुआई की तारीख 10 जून से आगे करके 1 जून करना संभव नहीं है, क्योंकि अभी गेहूं मंडियों में आ रहा है।
पंजाब लौटने के लिए 80 हजार लोगों ने कराया रजिस्ट्रेशन
उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों से वापस आने के लिए 60 हजार और विदेश से पंजाब लौटने के लिए 20 हजार पंजाबियों ने अब तक रजिस्ट्रेशन करवाया है। उनकी सरकार अपने राज्यों को वापस जाने के इच्छुक प्रवासी कामगारों के जाने के लिए खर्च और हर सुविधा जारी रखेगी।
एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा संस्थान सख्ती से बंद रखे जाएंगे, क्योंकि वह बच्चों की जिंदगी को लेकर किसी प्रकार का जोखिम नहीं लेना चाहते। उन्होंने कहा कि वह स्कूल जिनके पास बंदोबस्त है, वह ऑनलाइन क्लास शुरू कर सकते हैं। लेकिन यह फीस बढ़ाए बगैर और ट्यूशन फीस के अलावा और कोई चार्ज लिए बिना करना होगा।
केंद्र से की अंतर जिला परिवहन की सिफारिश
कैप्टन ने बताया कि राज्य सरकार ने केंद्र को भेजी अपनी सिफारिशों में हवाई यातायात, ट्रेन और अंतर-राज्यीय बस सेवा को कम संख्या में यात्रियों की शर्त के साथ शुरू करने के अलावा अंतर-जिला और जिलों के अंदर बस सेवा के साथ-साथ टैक्सी, कैब, रिक्शा, ऑटो रिक्शा फिर शुरू करने के लिए कहा है। अन्य सिफारिशों में सभी मार्केट और मार्केट कॉम्पलेक्सों में दुकानें खोलने, शहरी क्षेत्रों में बिना किसी पाबंदी के उद्योगों और निर्माण कामों को चलाने, सभी चीजों के लिए ई -कामर्स की इजाजत देने की सिफारिश भी की है।
निजी और सरकारी, दोनों दफ्तरों को पूरे हफ्ते के लिए खोलने की अनुमति मांगी गई है। राज्य सरकार सुबह 5 बजे से शाम 7 बजे तक व्यक्तियों की आवाजाही पर कोई पाबंदी लगाने के हक में नहीं है। इसके अलावा, राज्य सरकार ऐसी गतिविधियों पर निरंतर रोक के हक में है, जहां एक छत के नीचे बड़ी भीड़ हो। जैसा कि शॉपिंग मॉल, सिनेमा घर, विवाह और दावत हॉल, सामाजिक, राजनैतिक और सांस्कृतिक जलसा, धार्मिक स्थान आदि।