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बालटाल का आंखों-देखा हाल, एक भक्त की जुबानी

Mon, 21 Jul 2014 10:58 AM IST
राजेश ढल्ल/अमर उजाला, चंडीगढ़
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मैं पिता और मां के साथ बालटाल में सुबह लंगर खा रहा था, तभी उन पर पथराव शुरू हो गया। भगदड़ मच गई। प्रवेश द्वार के पास बैठे उनके पिता ने सिलेंडरों के साथ छिपकर जान बचाई, जबकि उनकी मां आगे महिलाओं के साथ लंगर कर रही थीं।
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वह एक मेज के पीछे छुप गईं थीं। मैंने मां को बचाने के लिए उनके सिर पर एक टोकरी रख दी, ताकि सिर पर पत्थर न लगे। यह कहना है कि अमरनाथ यात्रा से लौटे अनमोल पुरी का। अनमोल अपने अभिभावकों के साथ अमननाथ यात्रा पर गए थे।

तीन घंटे तक कश्मीरियों ने बवाल काटा

हाल ही में सेक्टर-23 से जीरकपुर शिफ्ट हुए अनमोल के पिता सेक्टर-17 के ओबीसी बैंक में कर्मचारी हैं, जबकि मां चंडीमंदिर स्थित एएफटी में सुपरिंटेंडट के पद पर तैनात हैं। वह अभिभावकों के साथ शनिवार रात घर लौटे।

अनमोल का कहना है कि कश्मीरियों ने वहां तीन घंटे तक जमकर बवाल काटा। ऐसा लग नहीं लग रहा था कि वह सुरक्षित लौट पांएगे। उन्होंने बताया कश्मीरियों से बचाते हुए वह मां को भंडारे में ले गए।

जब आर्मी ने मोर्चा संभाला तो सांस में सांस आई। आर्मी की सुरक्षा के बीच सभी भक्त आर्मी के बेस कैंप में पहुंचे। उन्होंने बताया 15 हजार शिव भक्त आर्मी की सुरक्षा में कैंप में पहुंचे।
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भक्तों से लूट और दानपेटी को लगाई आग

अनमोल ने बताया बालटाल में करीब दो दर्जन से ज्यादा भंडारे के टेंट लगे हुए थे। कश्मीरियों ने जहां भक्तों के साथ लूट की। वहीं, भंडारे की दानपेटियों के ताले तोड़ने का प्रयास किया। जब दानपेटी नहीं टूटी तो उन्हें जला दिया गया। साथ ही गैस सिलेंडर और जनरेटरों को आग लगा दी गई।

पुलिस का नहीं मिला फायदा
भंडारों की सुरक्षा के लिए जम्मू कश्मीर की पुलिस थी। लेकिन, पुलिस कर्मचारी भी हमला करने वाले कश्मीरियों का साथ दे रहे थे। आरोप है कि पुलिस कश्मीरियों को भक्तों पर हमला करने के लिए प्रोत्साहित भी कर रही थी। हर भंडारे को कश्मीरियों ने अपने कब्जे में ले लिया था।

भंडारे का राशन तक उन्होंने लूट लिया था। भंडारे के अंदर लगे एलईडी टीवी तोड़ दिए और भगवान की मूर्तियों तक को नहीं छोड़ा। उन्होंने बताय अमृतसर वालों ने बालटाल में भंडारा लगाया था। उनके यहां दानपेटी में रखे करीब 30 लाख रुपये भी आग के हवाले कर दिए गए।

पानी की बोतल 60 रुपये में
शिव पार्वती सेवा दल के पदाधिकारी एवं मार्केट कमेटी के सुपरवाइजर राजेंद्र कुमार ने बताया कि ट्राइसिटी के हजारो भक्त बिना यात्रा के वापस लौट रहे हैं। उन्होंने बताया इस समय वहां पर 60 रुपये में पानी की बोतल और 30 रुपये में चाय का एक कप मिल रहा है।
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