चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय में मंगलवार को दोपहर तीन बजे 28 लाइब्रेरी असिस्टेंट की स्क्रीनिंग तय की गई थी। इसके लिए पीयू से सबद्ध कॉलेजों के कर्मचारी पंजाब भर से विश्वविद्यालय के परिसर में पहुंचे, लेकिन मौके पर ही तीन बजकर पांच मिनट पर ही कमेटी ने स्क्रीनिंग रद्द करने का फैसला सुना दिया। इसके बाद कर्मचारियों ने परेशान होकर पीयू के गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों के साथ मिलकर वीसी दफ्तर का घेराव करते हुए करीब चार घंटे तक नारेबाजी की।
पीयूएनटीईएफ के अध्यक्ष हनी ठाकुर ने बताया कि 28 लोगों को लाइब्रेरी असिस्टेंट के पद की स्क्रीनिंग के लिए दूसरी बार परिसर में बुलाया गया था। इसमें मुक्तसर, होशियारपुर, लुधियाना इत्यादि जगहों से महिला और पुरुष कर्मचारी खराब में मौसम में सफर कर पीयू आए। दोपहर को तय समय पर कमेटी ने स्क्रीनिंग रद्द करने का फैसला दिया और बाद में आयोजित करने की बात कही।
स्क्रीनिंग ऑनलाइन या ऑफलाइन करने पर नहीं बनीं सहमति
चर्चा रही कि कोरोना के कारण स्क्रीनिंग ऑनलाइन करें या ऑफलाइन, इस बात पर कमेटी सदस्यों की सहमति नहीं बन पा रही थी। कर्मचारियों ने रोषस्वरूप करीब चार घंटे वीसी दफ्तर के बाहर प्रदर्शन किया और डीयूआई व वीसी के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान पीयू रजिस्ट्रार, सीनेट सदस्य निधि गौतम और सीनेटर प्रियतोश ने कर्मचारियों से मिलकर स्क्रीनिंग को दो-तीन दिन में फिर से करवाने का आश्वासन दिया। पीयूएनटीईएफ और कर्मचारियों ने इसे लेकर वीसी के नाम मांगपत्र भी सौंपा।