25 हजार डिग्रीधारक लाइब्रेरियन प्रदेश में हैं लेकिन इनकी सेवाएं लेने के लिए सर्विस रूल्स ही नहीं हैं। 1983 में बने सर्विस रूल्स ही आज तक लागू हैं, जिनमें लाइब्रेरियन के पद के लिए डिग्री की जगह डिप्लोमा ही योग्यता रखी हुई है। अब डिप्लोमा बंद हो चुका है। इसलिए सरकार अगर लाइब्रेरियन के पद भरना चाहे तो उसे पहले सर्विस रूल्स में बदलाव करना होगा, चूंकि डिप्लोमा के आधार पर न के बराबर अभ्यर्थी मिलेंगे।
मुख्यमंत्री ने व्यवस्था में सुधार के दिए आदेश
मुख्यमंत्री मनोहर लाल से 4 अगस्त 2021 को वॉयस ऑफ लाइब्रेरियंस एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने डॉ. नरेंद्र के नेतृत्व में चंडीगढ़ में मुलाकात की थी। उन्होंने सर्विस रूल्स, पुस्तकालयों की स्थिति, खाली पदों व किताबों की खुर्द-बुर्द का मामला संज्ञान में लाया था। साथ ही नियुक्तियों के लिए शैक्षणिक योग्यता में बदलाव की मांग की थी।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मामले की गंभीरता को समझते हुए उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आनंद मोहन शरण व स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव महाबीर सिंह को व्यवस्था में सुधार के आदेश दिए हैं। साथ ही कहा है कि पुस्तकालयों में लाइब्रेरियन की नियुक्ति, सर्विस रूल्स में संशोधन व किताबों के रखरखाव पर तुरंत काम शुरू करें।