सर्दी के सीजन में बढ़ते कोहरे के साथ हरियाणा की हवा भी जहरीली होती जा रही है। स्थिति यह है कि प्रदेश में प्रदूषण का स्तर पराली जलाने के समय से भी ऊपर चला गया है। इस समय एक भी जिला ऐसा नहीं बचा है, जहां की हवा सांस लेने लायक हो। सबसे ज्यादा जहरीली सोनीपत की हवा है। वहीं बहादुरगढ़, गुरुग्राम और रोहतक के हालात भी काफी खराब हैं। अन्य जिलों के मुकाबले महेंद्रगढ़ और पंचकूला में हवा का स्तर थोड़ा बेहतर है।
सर्दी के इस सीजन में दो दिन से कोहरा बढ़ा है, रविवार को और दिनों के मुकाबले ज्यादा रहा। इसका बड़ा असर हवा की गुणवत्ता पर पड़ा है जो अचानक से पूरी तरह खराब हो गई है। जहां तीन दिन पहले तक एक्यूआई सामान्य तौर पर 375 तक चल रहा था, वह अचानक 500 पार कर गया है। यही कारण है कि प्रदेश में रविवार को सबसे ज्यादा प्रदूषण सोनीपत में रहा, जहां का एक्यूआई 502 था।
वहीं महेंद्रगढ़ में अन्य जिलों के मुकाबले सबसे कम एक्यूआई 311 रहा। अधिकतर जिलों में एक्यूआई 400 के आसपास या उससे ज्यादा रहा। प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अधिकारी कहते हैं कि इस समय प्रदूषण पराली जलाने वाले समय से ज्यादा है, क्योंकि उस समय अधिकतर जिलों में 350-400 तक एक्यूआई था।