तेंदुआ लावारिस कुत्तों से भिड़ रहा था और बुरी तरह से जख्मी भी था। उसने इसकी सूचना बाकी लोगों को दी। इसके बाद गुरुद्वारे से इलाके में घर पर ही रहने की घोषणा कर दी गई। इसके बाद तेंदुआ भागकर दीवारों को फांदता हुआ एक पुराने घर में घुस गया। इसकी सूचना वन विभाग को दी गई। ब्लॉक फारेस्ट अधिकारी जसवंत सिंह ने गन से बेहोशी के दो इंजेक्शन दागे जो तेंदुए को लगे।
कुछ क्षण के लिए वह निढाल होकर जाल में फंसा, लेकिन लोगों का शोर सुन वह होश में आ गया। उसने छलांग लगाई और दीवार पर चढ़कर गेट फांदता हुआ गली में चला गया। इस दौरान उसने जाल पकड़कर खड़े वन मुलाजिम प्रदीप कुमार व उसके सहयोगी रमेश कुमार को घायल कर दिया। इसके अलावा तेंदुए ने ओम प्रकाश, करनैल सिंह पर भी हमला किया।
इसके बाद तेंदुआ गुरमेल सिंह के घर घुस गया। लोगों ने शोर मचाया तो वह भागता हुआ प्राइमरी स्कूल के पास परमजीत पम्मा के घर जा घुसा। इस दौरान उसने एक और व्यक्ति को घायल कर दिया। आखिर रात को पहुंची छतबीड़ जू की टीम ने उस पर बेहोशी का इंजेक्शन दागा। बेहोश होने पर रात 11 बजे उसे पकड़ लिया गया।