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Chandigarh News: सिसक रही इंडस्ट्री के हाथ खाली, कच्चे माल व मशीनरी आयात पर ड्यूटी फ्री मांग रहे थे उद्यमी

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अमर उजाला ब्यूरो
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जालंधर। सिसक रही इंडस्ट्री को इस बार केंद्रीय बजट से खासी उम्मीद थी, लेकिन जालंधर की लैदर, स्पोर्ट्स व अन्य इंडस्ट्री के हाथ खाली रहे हैं। जालंधर हैंड टूल के अलावा लैदर, पाइप फिटिंग निर्यात का गढ़ माना जाता है। हैंड टूल निर्यातक गुरशरण सिंह ने कहा कि पंजाब इंडस्ट्री के लिए अलग से पैकेज की जरूरत महसूस की जा रही थी। पंजाब एक सीमावर्ती राज्य होने के चलते अलग से योजनाएं व विशेष अनुदान होने चाहिए। हम कच्चा माल मंगवाते हैं और तैयार कर वापस भेजते हैं, हमें तो किराया व अन्य तामझाम ही माल की कीमत बढ़ा देते हैं। कच्चे माल और मशीनरी को इंपोर्ट करवाने पर इंपोर्ट ड्यूटी फ्री करनी चाहिए थी। इंडस्ट्री के हित में बजट नहीं है। इंडस्ट्री को अलग से पैकेज मिलने की उम्मीद थी। एक्सपोर्ट को बढ़ाने के लिए कदम बढ़ाने चाहिए। एक्सपोर्ट के नियमों को आसान करना चाहिए। रिसर्च एंड डवलपमेंट सेंटर समय की जरूरत है।
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फोकल प्वाइंट के प्रधान नरिंदर सग्गू का कहना है कि स्मार्टसिटी प्रोजेक्ट की तरह फोकल प्वाइंट, लैदर कांप्लेक्स, इंडस्ट्रियल एरिया, गदईपुर सहित इलाकों के सुंदरीकरण के लिए अलग से बजट जारी किए जाने का प्रावधान की उम्मीद थी जिसकी तरफ ध्यान ही नहीं दिया गया है। जिसमें उद्योग क्षेत्रों में सड़कें, सीवरेज व्यवस्था, सफाई, हरियाली से लेकर तमाम तरह की मूलभूत सुविधाएं दिए जाने की जरूरत है, लेकिन हाथ खाली रहे हैं। हम चीन का मुकाबला कैसे करेंगे, जब हमें मूलभूत सुविधाएं ही नहीं मिलेंगी।
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