विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर अधिवक्ताओं ने बताए तनाव दूर करने के तरीके।
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अधिवक्ता का पेशा सिरदर्दी से भरा होता है। पूरे दिन कोर्ट में मामलों की सुनवाई और पैरवी के चलते अधिवक्ताओं का परेशान होना स्वाभाविक है। उनका कहना है कि मुवक्किल तो पैसा दे देते हैं, लेकिन सारी जिम्मेदारी उन पर आ जाती है। महिला वकीलों को तो दोहरी जिम्मेदारी (कार्यस्थल और घर) निभानी पड़ती है। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर वकीलों से बातचीत कर यह जानने की कोशिश की गई कि तनाव से निपटने के लिए आखिर वह क्या करते हैं।
बागवानी और संगीत सुनता हूं : प्रदीप वर्मा
अधिवक्ता प्रदीप वर्मा का कहना है कि उनका पेशा वाकई सिरदर्दी वाला है, लेकिन वह किसी भी तनाव को खुद पर हावी नहीं होने देते। कहतें हैं कि एक तो मैं खुशमिजाज हूं, दूसरा 90 के दशक के गाने सुनना मुझे बहुत पसंद है। केस की स्टडी के समय भी धीमी आवाज में संगीत चलाकर रखता हूं। इससे तनाव मुक्त रहता हूं। इसके अलावा प्रकृति से भी लगाव है। बागवानी करता हूं, इससे बहुत सुकून मिलता है।
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दूसरों को खुशी देकर मिलती है खुशी : एसपी कौर
अधिवक्ता एसपी कौर का कहनी हैं कि उनकी रोज की दिनचर्या में संगीत सुनते हुए लंबी वॉक शामिल हैं। संगीत से लगाव के कारण तनाव आपके ऊपर कभी हावी नहीं होता। इसके अलावा दूसरों की मदद कर वह काफी खुश होती हैं। दूसरों को खुशी देने में जो सुकून है, वह कहीं और नहीं।