हरियाणा एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल की नोटिफिकेशन वापस लेने की मांग को लेकर वर्क सस्पेंड करने वाले वकीलों का दिल बीएएमएस के छात्रों के गिड़गिड़ाने पर भी नहीं पसीजा। शुक्रवार को होने वाली परीक्षा में बैठने देने की अनुमति के लिए हाईकोर्ट से फरियाद लगाने वाले छात्रों को वकीलों ने वीरवार को हाईकोर्ट में घुसने से रोक दिया। बाद में मीडिया कर्मियों के सहयोग से छात्र हाईकोर्ट के सामने पेश हुए और कोर्ट ने उन्हें परीक्षा में बैठने की अनुमति दे दी। मामला महेंद्रगढ़ के श्री राम कालेज के बीएएमएस के छात्रों से जुड़ा है।
कॉलेज की मान्यता रद्द होने के चलते उनको बीडी शर्मा यूनिवर्सिटी रोहतक की तरफ से परीक्षा में बैठने की इजाजत नहीं मिली थी। परीक्षा 2 अगस्त से शुरू होनी है, ऐसे में छात्रों का भविष्य दांव पर लगा था। परीक्षा में बैठने के लिए इजाजत के लिए इन छात्रों को हाईकोर्ट से अनुमति लेनी थी। जब छात्र अपने लिए इंसाफ की फरियाद लेकर हाईकोर्ट पहुंचे तो वकीलों ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। वकील वर्क सस्पेंड कर गेट के बाहर बैठे थे और कोर्ट स्टाफ को छोड़कर किसी को भी कोर्ट में नहीं जाने दे रहे थे।
जब छात्र कोर्ट के गेट पर पहुंचे और अपने भविष्य की दुहाई देकर कोर्ट जाने की अनुमति मांगी, फिर भी वकीलों का दिल नहीं पसीजा और उन्हें कोर्ट से बाहर निकाल दिया। छात्र आग्रह करते रहे कि कल उनकी परीक्षा है अगर उनको कोर्ट से राहत नहीं मिली तो उनका साल खराब हो जाएगा। बाद में कुछ मीडिया कर्मी उनको कोर्ट में लेकर गए। उनकी मांग पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने उनको शुक्रवार को होने वाली परीक्षा में बैठने की इजाजत दे दी। हालांकि, कोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया कि उनका परिणाम उनके कालेज के खिलाफ चल रही याचिका के अंतिम फैसले पर निर्भर करेगा।