कई छात्रों जिन्हें टिकट करने में देरी हो गई थी, उन्हें 80 हजार रुपये की पड़ रही थी। महंगी टिकट के कारण भी छात्र समय पर देश नहीं लौट सके। 22 फरवरी को यूक्रेन से फ्लाइट ली और 23 को दिल्ली पहुंचे। फ्लाइट में सभी भारतीय विद्यार्थी थे। उनके आने के बाद वहां हालात बिगड़े हैं। यूक्रेन सरकार की मदद से छात्र स्कूल में बने शेल्टरों में रह रहे हैं। कई सीमावर्ती क्षेत्रों में भारतीय दूतावास खाने और रहने की व्यवस्था कर रहा है। बहुत से विद्यार्थी दूतावास से संपर्क करने में असमर्थ हैं।
पहले दिन यूक्रेन में फंसे 19 लोगों के परिजनों ने मांगी मदद
यूक्रेन में फंसे लोगों के परिजनों के लिए प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर 112 जारी की है। रविवार को पहले दिन 19 लोगों ने हेल्पलाइन नंबर पर फोन कर प्रशासन से मदद मांगी। किसी ने अपने परिजन को वापस लाने के लिए रास्ता बताने को कहा तो किसी ने वहां फंसे अपने परिजन तक जरूरत का सामान पहुंचाने में मदद मांगी।
प्रशासन की विशेष टीम ने लोगों के पते के साथ ही उनकी समस्याओं को नोट कर लिया है। डिप्टी कमिश्नर विनय प्रताप सिंह ने बताया कि चंडीगढ़ के जो लोग यूक्रेन में फंसे हैं, उनके लिए शनिवार को 24 घंटे हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया था। लोग परेशान न हों इसके लिए विशेष डेस्क भी बनाई गई है, जो केवल इन्हीं शिकायतों को देखेंगे। इसमें यूक्रेन गए व्यक्ति का नाम, पिता का नाम, पासपोर्ट नंबर, विश्वविद्यालय/कॉलेज का नाम लेकर विदेश मंत्रालय तक जानकारी उपलब्ध करा देंगे ताकि लोगों को राहत मिल सके।