चंडीगढ़। वकालत करते हुए स्टार्टअप से ऐसा जुड़ाव हुआ कि नितिन ने अपने भाषा के ज्ञान से बेरोजगारी से मुकाबला करने की ठान ली। वकालत छोड़ विभिन्न भाषाओं में अनुवादक की सुविधा उपलब्ध कराने वाला अपना स्टार्टअप शुरू किया। शुरुआती दौर में खुद ही अंग्रेजी, हिन्दी और पंजाबी भाषा में अनुवाद करने का काम शुरू किया।
धीरे-धीरे उनके साथ भारत के विभिन्न प्रदेशों, प्रांतों और शहरों के भाषा के जानकार युवाओं का जुड़ाव होता गया। उनके स्टार्टअप की जानकारी वेबसाइट के जरिये विदेशों तक पहुंची। वहीं मौजूदा समय में भारत केअलावा विश्व के लगभग 200 देशों के 1500 से ज्यादा युवा इससे जुड़कर रोजगार की राह पर बढ़ चले हैं। नितिन अरोड़ा का कहना है कि जो भी युवा भाषा केजानकार हैं, उन्हें हम अपनी वेबसाइट के जरिये काम करने का मौका उपलब्ध करवाकर उन्हें उसका लाभ दे रहे हैं। नितिन का मानना है कि अगर हमारे पास कोई विशेष गुण हो तो उसे अपना हथियार बनाया जा सकता है लेकिन इसके लिए जरूरत होती है, एक मौके की। इसलिए वे अपने वेबसाइट krishnatranslations.com पर ऐसे युवाओं को रोजगार का मौका प्रदान कर रहे हैं।