सोमवार को स्कूल के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तीन बेड वाले कमरे को छोड़कर बाकी सभी कमरों को ताला लगाकर चले गए। व्यवस्था बनाने के लिए तैनात किए गए कर्मचारी भी मरीजों के लिए लगाए गए बेड पर बैठे नजर आए। उनके लिए कुर्सी तक की व्यवस्था नहीं है। न ही पीने के पानी की कोई व्यवस्था की गई थी। फोन कर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को बुलाया तो उसने दोपहर लगभग साढ़े 12 बजे पहुंचकर ताला खोला।
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को बुलाने के लिए फोन करतीं प्रिंसिपल दुर्गेश नंदनी।
रात को ही चली गई एंबुलेंस
रविवार शाम को उपायुक्त के दौरे से पहले आइसोलेशन सेंटर पर एंबुलेंस तैनात कर दी गई थी। मगर डीसी और एसपी के जाने के बाद रात को एंबुलेंस भी वहां से रवाना हो गई। अब मरीजों को गांव से आइसोलेंशन सेंटर या भिवानी तक लाने के लिए एंबुलेंस की कोई सुविधा नहीं है। वहीं सेंटर पर ऑक्सीजन सिलिंडर भी नहीं हैं। अगर किसी मरीज की तबीयत बिगड़ती है या ऑक्सीजन लेवल कम होता है तो उसे भिवानी ही लेकर जाना पड़ेगा।
गांव में लोगों को आइसोलेशन सेंटर की जानकारी नहीं
भले ही बापोड़ा में लोग कोरोना के कारण दहशत में हों, मगर ज्यादातर ग्रामीणों को गांव में बनाए गए आइसोलेशन सेंटर के बारे में जानकारी ही नहीं है। जब उनसे इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वे इस बारे में कुछ नहीं जानते हैं। प्रशासन या ग्राम पंचायत द्वारा लोगों को इस बारे में जागरूक नहीं किया गया है।
अस्पताल में तैनात कर्मचारियों ने बताया कि सेंटर पर एएनएम की ड्यूटी भी लगाई गई है। वह एएनएम सोमवार को गांव में आयोजित टीकाकरण शिविर में चली गई। इसलिए आइसोलेशन सेंटर में कोई मौजूद नहीं था। हालात यह है कि अगर कोई मरीज आता है तो उसे दो शिक्षक या प्रिंसिपल ही मिलेंगे। वे उसे किस स्तर का उपचार दे सकते हैं, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
आइसोलेशन सेंटर बने हुए थोड़ा समय हुआ है। जल्द ही यहां पर सभी सुविधाएं कोरोना मरीजों के लिए शुरू हो जाएंगी। लोगों को भी जागरूक किया जाएगा। निश्चित रूप से यह आइसोलेशन सेंटर बेहतर परिणाम देगा।- दुर्गेश नंदनी, प्रिंसिपल, राजकीय कन्या विद्यालय, बापोड़ा।
आइसोलेशन सेंटर में ऑक्सीजन और एंबुलेंस की मांग जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से की गई है। गांव में कोरोना का संक्रमण ज्यादा है, इसलिए जल्द से जल्द ये सुविधाएं आइसोलेशन सेंटर में शुरू कर दी जानी चाहिए।- नरेश तंवर, सरपंच, बापोड़ा।
ग्रामीण क्षेत्र में लोगों को ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं देने का प्रयास किया जा रहा है। बापोड़ा में भी जिन सुविधाओं की कमी है, उन्हें जल्द से जल्द मुहैया कराया जाएगा। हमारा प्रयास है कि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। - डॉ. सपना गहलावत, सीएमओ, भिवानी।