बहिबल कलां और कोटकपूरा फायरिंग मामले की जांच कर रहे एसआईटी के सदस्य कुंवर विजय प्रताप सिंह ने कहा कि डेरा सच्चा सौदा से जुड़ा मोहिंदर पाल सिंह बिट्टू इस मामले की अहम कड़ी था। उन्होंने कहा कि बिट्टू की हत्या से केस जरूर कमजोर हुआ है लेकिन इससे जांच पर बुरा असर नहीं पड़ेगा।
उन्होंने आगे कहा कि डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम से 2 अप्रैल को पूछताछ की जानी थी लेकिन नहीं हो सकी। राम रहीम से पूछताछ के बाद पूरी चार्जशीट अदालत में पेश की जाएगी। सीबीआई ने तीन-चार साल तक जांच करने के बाद अपनी क्लोजर रिपोर्ट दी है लेकिन एसआईटी ने 3-4 महीने में ही जांच पूरी करके चार्जशीट पेश कर दी है।
कुंवर विजय ने कहा कि एसआईटी कानून के तहत अपनी जांच को आगे लेकर जाएगी। राम रहीम से पूछताछ के बाद रिपोर्ट दी जाएगी। सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट पर उन्होंने कहा कि क्लोजर रिपोर्ट को न देखिए बल्कि चार्जशीट को देखिए। चार्जशीट में कोई कमी नहीं छोड़ जाएगी और उस पर सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट का कोई असर नहीं होगा और कानून अनुसार ही कार्रवाई होगी।
उन्होंने कहा कि सीबीआई ने साढ़े तीन साल में रिपोर्ट पेश की है। एसआईटी ने जो चालान पेश किया है, ऐसा भारत में नहीं बनाया जाता। इसलिए क्लोजर रिपोर्ट पर ध्यान न दें बल्कि चार्जशीट को देखें। कुंवर विजय ने कहा कि सीबीआई जांच अगर आगे चलती तो उसका लाभ एसआईटी को होना था। अब एसआईटी एक अन्य सप्लीमेंट्री चालान पेश करेगी और जांच को अंजाम तक ले जाया जाएगा।