दीपक का कहना है कि जब तक जमाखोरी वाला प्याज बाजार में नहीं आएगा, तब तक दाम में तेजी ही रहेगी, क्योंकि नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (नेफेड) ने भी जो माल खरीदा है, उसे भी सरकार बाजार दर पर ही बेचेगी। ऐसे में राजस्थान के खैरथल से प्याज की नई खेप की आवक शुरू होने पर ही राहत की उम्मीद है। वहीं, अपनी मंडी के सब्जी विक्रेता दिनेश का कहना है कि मंडी से 55 रुपये किलो खरीदा गया माल 70 से 75 रुपये किलो ही बिकेगा, क्योंकि उसमें कुछ माल खराब भी निकल जाता है।
महिलाएं बोलीं- टमाटर के बाद प्याज करने लगा परेशान
अभी चंद महीने पहले टमाटर की महंगाई ने जीना मुश्किल किया था। अब प्याज रुलाने लगा। सरकार को अचानक बढ़ने वाली इस तरह की महंगाई पर रोक के पुख्ता इंतजाम करने होंगे, वर्ना मध्यवर्गीय परिवार हर समय परेशान ही होगा। -डॉली देवी, मौलीजागरां।
प्याज के स्टॉक जब सरकार खरीद चुकी, महंगाई का क्या मतलब
त्योहार पर महंगाई से राहत मिलनी चाहिए लेकिन हर बार उल्टा ही होता है। प्याज के स्टॉक जब सरकार खरीद चुकी है फिर इस महंगाई का क्या मतलब है। सरकार को अपने स्टॉक बाजार में सस्ते दर पर उतार कर जनता को राहत देना चाहिए। -प्रिया, बहलाना।
डराने लगा है किचन का बजट
अब तो किचन का बजट डराने लगा है। ऐसा लगता है जैसे बचत का पैसा ऐसी महंगाई पर ही खर्च हो जाएगा। अगर टमाटर और प्याज पर इस रफ्तार से महंगाई आने लगी तो सोने-चांदी की जगह इसकी खरीदारी के लिए विशेष बचत करनी पड़ेगी।
- सपना, रायपुरखुर्द।
| तिथि |
फुटकर कीमत |
थोक कीमत |
| 24 अक्तूबर |
40-45 |
35- 38 |
| 25 अक्तूबर |
50-55 |
40-45 |
| 26 अक्तूबर |
55-60 |
45-50 |
| 27 अक्तूबर |
70-80 |
52-57 |
| 28 अक्तूबर |
70-80 |
52- 60 |
| 29 अक्तूबर |
70-80 |
52-60 |