फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kiran Chaudhary: पति की मौत के बाद किरण चौधरी ने आगे बढ़ाई थी बंसीलाल की विरासत, चार बार रह चुकी हैं विधायक

Wed, 19 Jun 2024 11:42 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

कई वर्षों से कांग्रेस की कद्दावर नेता रहीं किरण चौधरी ने आज कांग्रेस का हाथ छोड़ दिया है। उनका भाजपा के साथ अहीरवाल में राजनीतिक कद बढ़ सकता है।  
विज्ञापन
भाजपा में शामिल हुईं किरण चौधरी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री चौ. बंसीलाल के बेटे चौ. सुरेंद्र सिंह की पत्नी किरण चौधरी ने आज भाजपा का दामन थाम लिया। ससुर और पति की मौत के बाद किरण चौधरी ने बंसीलाल की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाया था। 
विज्ञापन


5 जून 1955 को जन्मी किरण चौधरी तोशाम से चार बार विधायक रह चुकी हैं। 

अहीरवाल में बढ़ेगा भाजपा का कद

भाजपा के साथ जाने से किरण चौधरी का भिवानी के साथ ही अहीरवाल में राजनीतिक कद बढ़ सकता है क्योंकि भिवानी-महेंद्रगढ़ संसदीय सीट भाजपा के खाते में हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रैली में मंच से पूर्व मुख्यमंत्री चौ. बंसीलाल का नाम लिया था और 1996 के संस्मरण को साझा कर बंसीलाल के समर्थकों को साधा था। वैसे किरण के कांग्रेस से अलगाव का बीज चरखी दादरी में हुई रैली में राहुल गांधी के सामने ही पड़ गया था, क्योंकि ऐन चुनाव के वक्त किरण और राव दान सिंह के बीच तल्खी सार्वजनिक हो गई थी और चुनाव के बाद राव दान सिंह ने साथ नहीं देने का आरोप भी लगाया था।

अब कांग्रेस में भतीजे का रास्ता साफ

कांग्रेस में किरण के रहते तोशाम से चुनाव लड़ने के अभिलाषी अनिरुद्ध चौधरी की ख्वाइश भी अब पूरी हो सकती है। अपनी चाची किरण चौधरी के कांग्रेस में रहते यह संभव नहीं हो सकता था। वहीं बाढ़डा सीट पर पूर्व विधायक व बंसीलाल के बड़े बेटे रणबीर महेंद्रा भी कांग्रेस से मैदान में आ सकते हैं। बंसीलाल परिवार में महेंद्रा और किरण के बीच पारिवारिक विवाद भी जगजाहिर है। ऐसे में बंसीलाल परिवार का एक धड़ा कांग्रेस तो एक धड़ा भाजपा में रह सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें