फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कौन हैं खूबसूरत अनिका चोपड़ा उर्फ डॉ अनु, जिसके जाल में फंस रहे भारतीय सैनिक

Sun, 14 Jul 2019 02:28 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नारनौल (हरियाणा)
विज्ञापन
यह एक प्रतीकात्मक तस्वीर है।
विज्ञापन

सेना की खुफिया जानकारी लीक करने के आरोप में फौजी से पुलिस ने पूछताछ की। पुलिस के अनुसार महिला कई नामों से चैटिंग व मैसेज करती है।

विज्ञापन


पुलिस आरोपी के कॉल डिटेल और करीब 200 पेज के वाट्सअप रिकॉर्ड खंगाल रही है। सिटी थाना प्रभारी सुनील कुमार ने बताया कि महिला अनिका चौपड़ा व डॉ अनु समेत अन्य नामों से आरोपी से बातचीत करती थी। 

उन्होंने बताया कि आरोपी के कॉल डिटेल की जानकारी ली जा रही है। जिससे महिला के लोकेशन समेत अन्य की जानकारी ली जा सके। इसके अलावा फेसबुक अकाउंट की भी जानकारी ली जाएगी। जिससे मामले की सभी कड़ियों को जोड़ा जा सके। उन्होंने बताया कि वाट्सअप पर बातचीत में कई जगहों पर महिला ने अपना परिचय अनिका चोपड़ा व डॉ अनु व गुजरात की रहने वाली बताया था। 

विज्ञापन

आरोपी से घरेलू व शादी-विवाह समेत प्यार की बातें होती थी। आरोपी के करीब 200 पेज के वाट्सअप मैसेज की जांच की जा रही है। थाना प्रभारी ने बताया कि वाट्सअप के कुछ मैसेज डिलीट हैं।

ऐसे में इसकी जांच के लिए साइबर सेल की मदद ली जा रही है। आरोपी रविंद्र की जानकारी लेने के लिए एक टीम दिल्ली सेना मुख्यालय भेजा गया है। उन्होंने बताया कि सेना के एक अधिकारी ने भी रविंद्र के बारे में जानकारी ली है।

हिंदी में होती थी चैटिंग-
महिला चैटिंग के दौरान रोमन भाषा में लिखती थी। उसे लगा कि कोई भारतीय लड़की है। भाई जितेंद्र ने बताया कि गलत फहमी की वजह से महिला के झांसे में आ गया। भाई ने बताया कि रविंद्र की अभी शादी नहीं हुई है। जितेंद्र भी सेना में कार्यरत है और जानकारी मिलने पर सुबह नारनौल सिटी थाने में मिलने आया था।
विज्ञापन

अनिका चोपड़ा की जाल में पहले भी फंस चुके हैं जवान-

बता दें कि राजस्थान के जैसमलेर जिले की छावनी में तैनात एक जवान भी अनिका चोपड़ा नामक महिला की जाल में फंस चुका है। 13 जनवरी को इस मामले में जवान में पर कार्रवाई हुई थी। मिली जानकारी के अनुसार राजस्थान के जैसमलेर जिले की छावनी में जवान तैनात था। वह फेसबुक पर रोजाना अनिका चोपड़ा नामक प्रोफाइल से बातचीत करता था। 

जांच में पता चला कि इस अकाउंट का संचालन पाकिस्तान से किया जाता था। सोशल मीडिया पर बिछाए हनी ट्रैप के जाल में कई बार जवान फंसकर गोपनीय सूचनाएं लीक कर देते हैं।
 
क्या है मामला-
बसई गांव निवासी रविंद्र साल 2017 में पांचवीं कुमाऊं रेजिमेंट में सिपाही पद पर भर्ती हुआ था। साल 2018 में अमृतसर (पंजाब) में पोस्टिंग थी। इसी दौरान सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक से एक विदेशी महिला से उसकी दोस्ती हुई थी। बाद दोनों का एफबी चैट व वीडियो कॉलिंग के जरिए बात होने लगी थी। 

मार्च 2018 में महिला ने यूनिट के लोकेशन और सेना में प्रयोग होने वाली राइफल के बारे में जानकारी मांगी थी। आरोप है कि आरोपी लगातार देश की आंतरिक व बाहरी सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील जगहों की जानकारी महिला को देता रहा। आरोपी अलग-अलग नंबरों पर वाट्सअप चलाता था।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें