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हनी ट्रैप में फंसे फौजी का दुबई कनेक्शन आया सामने, कौन है इरफान कुरैशी, क्यों आया था दिल्ली

Sun, 14 Jul 2019 01:52 PM IST
ajay kumar मनोज धर द्विवेदी, अमर उजाला, नारनौल (हरियाणा)
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सांकेतिक तस्वीर
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सेना की खुफिया जानकारी लीक करने के आरोपी फौजी का कनेक्शन दुबई से जुड़ा हो सकता है। पुलिस ने जांच में पाया है कि विदेशी महिला पांच मोबाइल नंबरों से चैट करती थी। इसमें से एक मोबाइल दिल्ली का है और इरफान कुरैसी के नाम पर है। जांच में पता चला कि कुरैसी ने कोलकता की आईडी दी हुई है। 

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आरोपी साल 2018 में जामा मस्जिद दिल्ली आया था और एक हॉस्टल में रुका था। जहां पर एक सिम ली थी। इसके बाद कुरैसी अजमेर शरीफ भी गया था और वहां से दुबई चला गया। इसके बाद कुरैसी कहां है, इसकी जानकारी नहीं है। ऐसे में पुलिस इन जगहों की जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है। दूसरी ओर आरोपी की दो दिन की रिमांड खत्म होने पर पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया। 

जहां से कोर्ट ने आरोपी को जिला जेल भेज दिया है। वहीं आरोपी के वकील ने कोर्ट में एक याचिका लगाई है। जिससे मामले की जांच सेना को सौंपे जाने की मांग की गई है। इस मामले पर सुनवाई सोमवार को होगी। थाना प्रभारी सुनील कुमार ने बताया कि रिमांड के दौरान आरोपी से पूछताछ की गई है। इसके साथ व्हाट्सएप मैसेज के बारे में आरोपी से जानकारी ली गई। 

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उन्होंने बताया कि कॉल डिटेल, व्हाट्सएप मैसेज समेत अन्य सभी जानकारियां एकत्रित की जा रही है। जिससे मामले की कड़ियों को जोड़ा जा सके। सूत्रों के अनुसार विदेशी महिला आरोपी फौजी से पांच मोबाइल नंबरों से चैट करती थी। इसमें तीन मोबाइल नंबर दिल्ली के हैं। पुलिस ने एक मोबाइल नंबर की जांच की तो पता चला कि इरफान कुरैसी के नाम पर है। 

कुरैसी साल 2018 में दिल्ली जामा मस्जिद के पास एक हॉस्टल में रुका था और वहीं से एक मोबाइल सिम लिया था। उसने आईडी कोलकता की दी है। सूत्रों के अनुसार आरोपी अजमेर गया और वहां से दुबई लौट गया। हालांकि अभी पुलिस को कुरैसी के कोलकता आईडी की जांच करनी है। दूसरी ओर दो मोबाइल नंबर और दिल्ली के मिले है। जिनका पता निकाला जा रहा है।
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सूत्रों के अनुसार जमा मस्जिद के पास रुके हॉस्टल के रिकॉर्ड के अनुसार इरफान कुरैसी दुबई से आया था और फिर लौट गया। हालांकि इसकी अभी जांच की जाएगी। इधर कुछ महीने के कॉल रिकॉर्ड साइबर से निकलवाने के प्रयास किए जा रहे है। जिससे पता चल सके की कुरैसी से कब तक फौजी से बातचीत हुई है। हालांकि जांच में महिला द्वारा पांच हजार रुपए देने की बात सही पाई गई है।

पुलिस प्रवक्ता नरेश कुमार ने बताया कि आरोपी के परिजनों ने मामले को सेना को सौंपने की मांग की है। इस पर सोमवार को सुनवाई होगी। बता दें कि बसई गांव निवासी रविंद्र वर्ष 2017 में पांचवीं कुमाऊं रेजिमेंट में सिपाही पद पर भर्ती हुआ था। साल 2018 में अमृतसर (पंजाब) में पोस्टिंग थी। इसी दौरान सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक से एक विदेशी महिला से उसकी दोस्ती हुई थी। 

बाद में दोनों में एफबी चैट व वीडियो कॉलिंग के जरिए बात होने लगी थी। आरोपी ने महिला ने यूनिट के लोकेशन और सेना में प्रयोग होने वाली राइफल के बारे में जानकारी भेजी थी। आरोप है कि आरोपी लगातार देश की आंतरिक व बाहरी सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील जगहों की जानकारी महिला को देता था। सिटी थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर दो दिन की रिमांड पर लिया था।
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