उन्होंने बताया कि कॉल डिटेल, व्हाट्सएप मैसेज समेत अन्य सभी जानकारियां एकत्रित की जा रही है। जिससे मामले की कड़ियों को जोड़ा जा सके। सूत्रों के अनुसार विदेशी महिला आरोपी फौजी से पांच मोबाइल नंबरों से चैट करती थी। इसमें तीन मोबाइल नंबर दिल्ली के हैं। पुलिस ने एक मोबाइल नंबर की जांच की तो पता चला कि इरफान कुरैसी के नाम पर है।
कुरैसी साल 2018 में दिल्ली जामा मस्जिद के पास एक हॉस्टल में रुका था और वहीं से एक मोबाइल सिम लिया था। उसने आईडी कोलकता की दी है। सूत्रों के अनुसार आरोपी अजमेर गया और वहां से दुबई लौट गया। हालांकि अभी पुलिस को कुरैसी के कोलकता आईडी की जांच करनी है। दूसरी ओर दो मोबाइल नंबर और दिल्ली के मिले है। जिनका पता निकाला जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार जमा मस्जिद के पास रुके हॉस्टल के रिकॉर्ड के अनुसार इरफान कुरैसी दुबई से आया था और फिर लौट गया। हालांकि इसकी अभी जांच की जाएगी। इधर कुछ महीने के कॉल रिकॉर्ड साइबर से निकलवाने के प्रयास किए जा रहे है। जिससे पता चल सके की कुरैसी से कब तक फौजी से बातचीत हुई है। हालांकि जांच में महिला द्वारा पांच हजार रुपए देने की बात सही पाई गई है।
पुलिस प्रवक्ता नरेश कुमार ने बताया कि आरोपी के परिजनों ने मामले को सेना को सौंपने की मांग की है। इस पर सोमवार को सुनवाई होगी। बता दें कि बसई गांव निवासी रविंद्र वर्ष 2017 में पांचवीं कुमाऊं रेजिमेंट में सिपाही पद पर भर्ती हुआ था। साल 2018 में अमृतसर (पंजाब) में पोस्टिंग थी। इसी दौरान सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक से एक विदेशी महिला से उसकी दोस्ती हुई थी।
बाद में दोनों में एफबी चैट व वीडियो कॉलिंग के जरिए बात होने लगी थी। आरोपी ने महिला ने यूनिट के लोकेशन और सेना में प्रयोग होने वाली राइफल के बारे में जानकारी भेजी थी। आरोप है कि आरोपी लगातार देश की आंतरिक व बाहरी सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील जगहों की जानकारी महिला को देता था। सिटी थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर दो दिन की रिमांड पर लिया था।