कांग्रेस विधायक किरण चौधरी ने यमुना नदी का अतिरिक्त बारिश का पानी राजस्थान को देने के समझौते का विरोध किया। किरण ने कहा कि ये मुद्दा पूरे हरियाण से जुड़ा है। बजट में सरकार ने राजस्थान को यमुना का पानी देना का समझौता किया है। मगर हरियाणा के अनेक हिस्सों में पानी की कमी है।
किरण चौधरी ने कहा कि अगर राजस्थान के लिए पाइप लाइन डालने की बात हो रही है तो हरियाणा के लिए भी पाइप लाइन जोड़ी जाए। राजस्थान ने पानी के मसले पर हमेशा ही हरियाणा का विरोध किया है। इराडी कमिशन में हरियाणा का विरोध राजस्थान ने किया था। इसके अलावा राजस्थान दादूपुर नलवी नहर के भी खिलाफ था। महेंद्रगढ़ में राजस्थान से आने वाली एक नदी पर भी राजस्थान ने डैम बना दिया है। जब राजथान हर जगह हरियाणा का विरोध करता है तो उसका साथ क्यों दिया जा रहा है?
किरण चौधरी ने कहा कि हरियाणा का पानी हरियाणा के लोगों को ही मिले। प्रदेश के कई जिले डार्क जोन में हैं। जिन जिलों में पानी डार्क जोन में चला जाता है तो वहां भूजल भी खारा हो जाता है। उन्होंने कहा कि राजस्थान के साथ यह समझौता पूरे प्रदेश का मसला है। इस पर आम सहमति बनानी चाहिए थी। सरकार समझौता ज्ञापन (MOU) वापस ले।
किसानों पर ड्रोन से आंसू गैस का इस्तेमाल गलत
किरण चौधरी ने कहा कि प्रदेश के हालत खराब हैं। न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) किसान का हक है। धरतीपुत्र के साथ इंसाफ करना होगा। महंगाई बढ़ती जा रही है। खाद बीज के रेट बढ़ गए हैं। किसानों पर ड्रोन से आंसू गैस का इस्तेमाल गलत। ये कोई पाकिस्तानी या खालिस्तानी नहीं हैं। किसानों से दिल्ली में एमएसपी देने का वादा किया गया था। इसीलिए किसानों ने दिल्ली कूच किया है।