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चंडीगढ़ में पंजाब का हिस्सा मार दिया, इसे रोकिये...महंगा पड़ेगा

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चंडीगढ़। लुधियाना के सांसद रवनीत सिंह बिट्टू ने लोकसभा में आरोप लगाया है कि यूटी प्रशासन में पंजाब के हिस्से के पदों को एजीएमयूटी और दानिक्स कैडर के अधिकारियों से भरा जा रहा है। ऐसे में चंडीगढ़ में पंजाब का हिस्सा मारा जा रहा है। उन्होंने स्पीकर से कहा कि इसे रोकिए, ये महंगा पड़ेगा।
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कांग्रेस के सांसद रवनीत बिट्टू ने कहा कि चंडीगढ़ में जो अफसर लगते थे, वो 60:40 के अनुपात में लगाए जाते थे। इसमें 60 फीसदी पंजाब के अफसर होते थे और 40 फीसदी हरियाणा के। अब दिल्ली, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, दमन एवं दीव तथा दादरा और नगर हवेली सिविल सेवा (दानिक्स) कैडर के अधिकारी दिल्ली से जाने लग गए हैं। ऐसा करके चंडीगढ़ में पंजाब की हिस्सेदारी कर की जा रही है। उन्होंने लोकसभा स्पीकर से आग्रह किया ऐसा न होने दें। पंजाब एक सीमावर्ती राज्य है और ऐसा ही रहा तो ये बहुत महंगा पड़ेगा। इसे समझने की जरूरत है।
इससे पहले पंजाब के कई मंत्री और शिअद प्रधान सुखबीर बादल ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने इसके लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया था, क्योंकि उस समय पंजाब में कांग्रेस के चरणजीत सिंह चन्नी मुख्यमंत्री थे। बादल ने कहा कि कांग्रेस ने केंद्र सरकार के आगे आत्मसमर्पण कर दिया है। यूटी प्रशासन में पंजाब कैडर के पद को भरने के लिए अधिकारियों के नाम तक नहीं भेजे। कहा कि कांग्रेस पंजाब के हितों को आत्मसमर्पण करने की साजिश रचती है और बाद में जानबूझकर समय पर कार्रवाई करने से इनकार करते हुए विरोध का नाटक करती है।
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सिटको एमडी का पद यूटी कैडर को देने पर शुरू हुआ था विवाद
हाल ही में यूटी प्रशासन ने चंडीगढ़ इंडस्ट्रियल एंड टूरिज्म डेवलपमेंट कारपोरेशन (सिटको) के एमडी का पद यूटी कैडर की अधिकारी पूर्वा गर्ग को सौंपा था। इसी के बाद ये सारा विवाद शुरू हुआ है, क्योंकि यह पद पंजाब कैडर के अधिकारी के लिए आरक्षित है। यही नहीं, इसके बाद केंद्र सरकार ने पहली बार चंडीगढ़ में तीन दानिक्स के अधिकारी भेजे हैं। इससे भी पंजाब के नेता भड़के हुए हैं और पंजाब की हिस्सेदारी कम करने का आरोप लगा रहे हैं। खडूर साहिब से कांग्रेस सांसद जसबीर सिंह गिल ने तो इसे साजिश बताया है। उन्होंने कहा था कि दानिक्स कैडर के अधिकारियों को पीसीएस अधिकारियों की जगह लगाया जा रहा है। ये चंडीगढ़ पर पंजाब के अधिकारों को कम करने की कोशिश है। हालांकि यूटी प्रशासन का कहना है कि आठ बार रिमांइडर भेजने के बाद भी पंजाब से सिटको एमडी के पद के लिए पंजाब सरकार ने नाम नहीं भेजे। इसके बाद ही पूर्वा गर्ग को यह जिम्मेदारी सौंपी गई।
वर्तमान यूटी प्रशासन में कैडर अनुसार आईएएस अधिकारी
- यूटी कैडर : प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल, सीएचबी सीईओ यशपाल गर्ग, शिक्षा सचिव एसएस गिल, कार्मिक सचिव नितिका पवार, खाद्य सचिव विनोद पी कावले, एसडीएम दक्षिण रूपेश कुमार, एमडी सिटको व निदेशक आईटी पूर्वा गर्ग
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- पंजाब : वित्त सचिव विजय नामदेवराव जड़े, एमसी कमिश्नर आनिंदिता मित्रा, विशेष सचिव वित्त हरगुनजीत कौर
- हरियाणा : गृह सचिव नितिन यादव, डीसी विनय प्रताप सिंह
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