पंजाब स्टेट पॉवर कार्पोरेशन लिमिटेड के सीएमडी इंजीनियर केडी चौधरी ने बुधवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। अब उनकी जगह प्रिंसिपल सेक्रेटरी पावर और ट्रांसको के सीएमडी वेणु प्रसाद को पावरकाम के सीएमडी का एडिशनल चार्ज दिया गया। पीएसईबी इंजीनियरिंग एसोसिएशन ने इसका स्वागत किया है। एसोसिएशन के चेयरमैन इंजीनियर बलदेव सिंह सरां का कहना है कि इंजीनियर केडी चौधरी के जाने से पॉवरकाम में चल रहे जंगल राज का खात्मा हो गया है।
पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार आने के बाद से पीएसईबी इंजीनियरिंग एसोसिएशन ने इंजीनियर केडी चौधरी के खिलाफ मोर्चा खोल रखा था। एसोसिएशन मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री को पत्र लिखकर इंजीनियर चौधरी के कार्यकाल में करोड़ों रुपये की अनियमितताएं होने की शिकायत की थी। वहीं इंजीनियर केडी चौधरी को पूर्व बादल सरकार की ओर से दी गई एक्सटेंशन को गैरकानूनी बताते हुए इसे रद करने की मांग की थी।
मुख्यमंत्री कैप्टन को भेजे गए पत्र में एसोसिएशन के अध्यक्ष इंजीनियर बलदेव सिंह और महासचिव अजयपाल सिंह अटवाल ने कहा था कि पूर्व बादल सरकार ने सीएमडी के पद की रिटायरमेंट आयु सीमा सही प्रक्रिया के मुताबिक नहीं बढ़ाई थी। सीएमडी के रिटायरमेंट की तारीख चुनाव आचार संहिता में पड़ती थी, इसीलिए इंजीनियर चौधरी को उनके ओहदे पर बनाए रखने के लिए रिटायरमेंट की आयु सीमा 65 से 67 साल कर दी गई थी।
एसोसिएशन की ओर से बनाए जा रहे दबाव के चलते कैप्टन सरकार ने हाल ही में कैबिनेट की बैठक में फैसला किया था कि पंजाब स्टेट पॉवर कार्पोरेशन लिमिटेड के सीएमडी की योग्यता और इस पद पर नियुक्ति की प्रक्रिया को रेशनेलाइज किया जाएगा। इसी बीच बुधवार को इंजीनियर केडी चौधरी ने पॉवरकाम के सीएमडी पद से इस्तीफा दे दिया। उनकी जगह प्रिंसिपल सेकेटरी पावर एवं सीएमडी ट्रांसको वेणु प्रसाद को पॉवरकाम के सीएमडी पद का भी एडिशनल चार्ज दे दिया गया है।