देश को झकझोर देने वाले जम्मू-कश्मीर के कठुआ सामूहिक दुष्कर्म के दोषी सांझी राम ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से अपील लंबित रहते सजा निलंबित करने की अपील की है। गुरुवार को जम्मू-कश्मीर सरकार ने इस मामले में बहस के लिए समय मांगा। इसे मंजूर करते हुए हाईकोर्ट ने सुनवाई 24 फरवरी को तय की है।
गौरतलब है कि पठानकोट की सेशन कोर्ट ने इस मामले के आठ में से 6 आरोपियों को दोषी करार दिया था। मामले के मुख्य साजिशकर्ता सांझी राम, परवेश कुमार और पुलिस अधिकारी दीपक खजुरिया को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। सजा के खिलाफ सांझी राम की अपील विचाराधीन है। अब सजा निलंबित करने की मांग को लेकर सांझी राम हाईकोर्ट पहुंचा है।
याची की दलील रही कि इस मामले में जांच एजेंसी ने जांच को सही प्रकार से पूरा नहीं किया और जांच में बहुत सी खामियां हैं। साथ ही गवाहों के बयान भी सही प्रकार से नहीं लिए गए जिसके चलते उसे दोषी करार दिया गया है। याची ने हाईकोर्ट से अपील की है कि पठानकोट की ट्रायल कोर्ट द्वारा सुनाई गई उम्रकैद की सजा को उसकी अपील लंबित रहते निलंबित किया जाए।
यह है मामला
2018 में 10 जनवरी को कठुआ में आठ साल की बच्ची का अपहरण किया गया था और इसके बाद 17 जनवरी को उस बच्ची की लाश मिली थी। लाश क्षत-विक्षत स्थिति में मिली थी जिसके चलते बहुत से धरने और प्रदर्शन भी हुए। इसके बाद पुलिस ने 15 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी जिसमें बड़े खुलासे हुए थे। मामले में विवाद बढ़ता देख इसे केस को जम्मू-कश्मीर के बाहर पंजाब के पठानकोट में सुनवाई के लिए भेज दिया गया था। इसके बाद पठानकोट जिला अदालत ने सात में से छह को दोषी मानते हुए सजा सुनाई थी।