जम्मू-कश्मीर के कठुआ गैंगरेप और मर्डर केस के आरोपियों और शिकायतकर्ता की अपील पर पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने एक साथ सुनवाई करने का फैसला लिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि मामला बेहद गंभीर है और इसके फैसले में देरी नहीं होनी चाहिए। ऐसे में इन सब पर एक साथ सुनवाई जरूरी है।
शिकायतकर्ता ने एडवोकेट आरएस बैंस के माध्यम से याचिका दाखिल करते हुए ट्रायल कोर्ट द्वारा बरी किए गए विशाल जंगोत्रा को दोषी करार दिए जाने की मांग की है। शिकायतकर्ता के अनुसार ट्रायल कोर्ट ने मामूली सबूतों के आधार पर विशाल जंगोत्रा को बरी कर दिया है कि वह घटना के समय कठुआ में नहीं बल्कि मेरठ में था, जबकि कठुआ और मेरठ के बीच सिर्फ 480 किमी का फासला है, ऐसे में कोई भी रेल या अपने वाहन में 9 से 11 घंटों में दूसरी जगह पहुंच सकता है।
मुख्य साजिशकर्ता सांझी राम, परवेश कुमार और पुलिस अधिकारी दीपक खजूरिया को सुनाई गई उम्रकैद सजा को भी कम बताते हुए इन्हे फांसी दिए जाने की मांग की है। इनके अलावा पुलिस ऑफिसर सुरेंदर शर्मा, हेड कॉन्स्टेबल तिलक राज और एसआई आनंद दत्ता को सुनाई गई पांच-पांच साल की सजा को भी कम बताते हुए ज्यादा सजा दिए जाने की मांग की है।