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कठुआ के तीन दरिंदों को उम्रकैद, आजीवन जेल में रहेगा मास्टरमाइंड सांझीराम, इन्हें भी मिली सजा

Tue, 11 Jun 2019 12:25 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पठानकोट (पंजाब)
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सांझी राम (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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देश को झकझोर कर रख देने वाले जम्मू के कठुआ में आठ वर्ष की बच्ची से सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के केस में पठानकोट सेशन जज डॉ. तेजविंदर सिंह की अदालत ने तीन दोषियों दीपक खजुरिया, सांझी राम और परवेश कुमार को उम्रकैद की सजा सुनाई है। तीनों दोषियों पर अदालत ने एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। 

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वहीं, सबूतों से छेड़छाड़ करने वाले तीन दोषी पुलिसकर्मियों को अदालत ने 5-5 वर्ष कैद की सजा दी है। इन तीनों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। इससे पहले सोमवार की सुबह सुनवाई के दौरान कोर्ट ने 7 में से 6 आरोपियों को दोषी करार दिया था। एक आरोपी को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया।

पिछले साल 10 जनवरी को बकरवाल समुदाय से ताल्लुक रखने वाली 8 साल की एक बच्ची का अपहरण किया गया था। इसके बाद 17 जनवरी को उसका शव क्षत-विक्षत हालत में बरामद हुआ था। इस सनसनीखेज मामले के खिलाफ पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हुए और पीड़िता के लिए न्याय की गुहार लगाई गई। इस वीभत्स मामले में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 15 पन्ने की चार्जशीट दाखिल की थी जिसमें कई चौंकाने वाले खुलासे हुए थे। 
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मामले की गंभीरता को देखकर सुप्रीम कोर्ट ने केस को जम्मू-कश्मीर से बाहर भेजने का आदेश दिया था, जिसके बाद जम्मू से करीब 100 किलोमीटर और कठुआ से 30 किलोमीटर दूर पठानकोट की अदालत में मामले को भेजा गया। इस मामले में कुल आठ आरोपी बनाए गए थे, जिनमें से एक नाबालिग था।

जिला और सत्र न्यायाधीश ने आठ आरोपियों में से सात के खिलाफ दुष्कर्म और हत्या के आरोप तय किए थे। किशोर आरोपी के खिलाफ मुकदमा अभी शुरू नहीं हुआ है और उसकी उम्र संबंधी याचिका पर जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट सुनवाई करेगा। 

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सांकेतिक तस्वीर
सरकारी अधिवक्ता एसएस बत्रा ने बताया कि दोषी सांझी राम, प्रवेश कुमार दीपक खाजुरिया को उम्रकैद व एक-एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। दोषियों को जेल में 25 वर्ष बिताने होंगे। दूसरी ओर दोषी करार दिए गए सांझी राम के वकील विक्रांत महाजन और एचएस पठानिया का कहना है कि अपने मुवक्किल को न्याय दिलाने और फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए हाईकोर्ट में अपील करेंगे।

ग्राम प्रधान निकला मास्टरमाइंड
सुप्रीम कोर्ट की ओर से मामले को जम्मू-कश्मीर से ट्रांसफर करने के निर्देश दिए जाने के बाद पिछले साल जून के पहले सप्ताह में पठानकोट की अदालत में मुकदमे की सुनवाई शुरू हुई और इसकी रिकॉर्डिंग भी की गई। पूरे देश को हिलाकर रख देने वाले इस मामले का मास्टर माइंड ग्राम प्रधान सांझी राम था।

गुनहगारों में कौन, किसके लिए दोषी
स्पेशल कोर्ट ने 6 दोषियों में से 3 को दुष्कर्म और हत्या का दोषी पाया। बाकी तीन को सबूत मिटाने का दोषी माना गया। सांझीराम, परवेश कुमार, दीपक खजुरिया को 302 (हत्या), 376 (दुष्कर्म), 120 बी (साजिश), 363 (अपहरण) के तहत दोषी करार दिया गया। अदालत ने पुलिसकर्मी आनंद दत्ता, सुरेंद्र कुमार, तिलक राज को 201 (सबूतों को मिटाना) के तहत दोषी माना।

किसे कितनी सजा
दीपक खजुरिया- उम्रकैद
सांझी राम- उम्रकैद
परवेश- उम्रकैद
पुलिसकर्मी सुरेंद्र कुमार- 5 वर्ष कैद
हेड कांस्टेबल तिलक राज- 5 वर्ष कैद
पुलिसकर्मी आनंद दत्ता- 5 वर्ष कैद

 मैं कर रही थी मृत्युदंड की उम्मीद: रेखा शर्मा 
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कठुआ दुष्कर्म और हत्या के दोषियों को दी गई सजा को कम बताया है। रेखा शर्मा ने कहा कि ऐसे जघन्य अपराध के दोषियों के लिए मैं मृत्युदंड की उम्मीद कर रही थी। जम्मू-कश्मीर सरकार को इसके लिए उच्च न्यायालय में अपील करनी चाहिए।
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