सरकारी अधिवक्ता एसएस बत्रा ने बताया कि दोषी सांझी राम, प्रवेश कुमार दीपक खाजुरिया को उम्रकैद व एक-एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। दोषियों को जेल में 25 वर्ष बिताने होंगे। दूसरी ओर दोषी करार दिए गए सांझी राम के वकील विक्रांत महाजन और एचएस पठानिया का कहना है कि अपने मुवक्किल को न्याय दिलाने और फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए हाईकोर्ट में अपील करेंगे।
ग्राम प्रधान निकला मास्टरमाइंड
सुप्रीम कोर्ट की ओर से मामले को जम्मू-कश्मीर से ट्रांसफर करने के निर्देश दिए जाने के बाद पिछले साल जून के पहले सप्ताह में पठानकोट की अदालत में मुकदमे की सुनवाई शुरू हुई और इसकी रिकॉर्डिंग भी की गई। पूरे देश को हिलाकर रख देने वाले इस मामले का मास्टर माइंड ग्राम प्रधान सांझी राम था।
गुनहगारों में कौन, किसके लिए दोषी
स्पेशल कोर्ट ने 6 दोषियों में से 3 को दुष्कर्म और हत्या का दोषी पाया। बाकी तीन को सबूत मिटाने का दोषी माना गया। सांझीराम, परवेश कुमार, दीपक खजुरिया को 302 (हत्या), 376 (दुष्कर्म), 120 बी (साजिश), 363 (अपहरण) के तहत दोषी करार दिया गया। अदालत ने पुलिसकर्मी आनंद दत्ता, सुरेंद्र कुमार, तिलक राज को 201 (सबूतों को मिटाना) के तहत दोषी माना।
किसे कितनी सजा
दीपक खजुरिया- उम्रकैद
सांझी राम- उम्रकैद
परवेश- उम्रकैद
पुलिसकर्मी सुरेंद्र कुमार- 5 वर्ष कैद
हेड कांस्टेबल तिलक राज- 5 वर्ष कैद
पुलिसकर्मी आनंद दत्ता- 5 वर्ष कैद
मैं कर रही थी मृत्युदंड की उम्मीद: रेखा शर्मा
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कठुआ दुष्कर्म और हत्या के दोषियों को दी गई सजा को कम बताया है। रेखा शर्मा ने कहा कि ऐसे जघन्य अपराध के दोषियों के लिए मैं मृत्युदंड की उम्मीद कर रही थी। जम्मू-कश्मीर सरकार को इसके लिए उच्च न्यायालय में अपील करनी चाहिए।