डेरा बाबा नानक के एसडीएम गुरसिमरनजीत सिंह ढिल्लों ने बताया कि आईसीपी (इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट) डेरा बाबा नानक में बनना था। उसके लिए 50 एकड़ रकबा एक्वायर किया गया है। जमीन एक्वायर के संबंध में सोमवार सुबह किसानों से मीटिंग की गई है और किसानों ने भी उनको अपनी सहमति दी है कि कॉरिडोर निर्माण कार्य शुरू किया जाए। सोमवार को लैंड पोर्ट अथॉरिटी की टीम ने आज निर्माण कार्य शुरू कर दिया है।
उन्होंने बताया कि मंगलवार को भारत और पाकिस्तान की टीमों द्वारा की जाने वाली मीटिंग में कॉरिडोर को लेकर टेक्निकल मामलों पर चर्चा की जाएगी। एसडीएम ने बताया कि किसानों के साथ बैठकें चल रही हैं। कुछ किसानों ने उनको नुकसान के क्लेम दिए हैं। उन्होंने बताया कॉरिडोर के लिए तीन गांव का रकबा एक्वायर हो रहा है, जिसमें गांव जोडियां खुर्द, चंदू नंगल और पखोके डेरा बाबा नानक शामिल है।
लैंड पोर्ट अथॉरिटी के मैनेजर सुखदेव सिंह ने बताया कि आईसीपी के लिए 50 एकड़ जमीन एक्वायर कर ली गई है। किसानों की जमीन का मूल्य डेरा बाबा नानक का सिविल प्रशासन ही तय करेगा।
जिस जमीन पर सोमवार को निर्माण कार्य शुरू किया गया है, उसके मालिक पूर्व सरपंच किसान लक्खा सिंह गांव पखोके टाहली साहिब डेरा बाबा नानक का रहने वाला है और उसने अपनी 16 एकड़ जमीन बिना किसी शर्त पंजाब सरकार और लैंड पोर्ट अथॉरिटी को दे दी है। वहीं लक्खा सिंह का कहना है कि वह अपनी खुशी से अपनी जमीन कॉरिडोर के लिए दे रहे हैं। प्रशासन उसे जो चाहे उसे मुआवजा दे, उसे मंजूर होगा।
सरकार कम मुआवजा नही देगी: रंधावा
कैबिनेट मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि अन्य किसान भी लक्खा सिंह से प्रेरणा लें। उन्होंने कहा वह यह अन्य किसानों का विश्वास दिलाते हैं कि केंद्र और सूबा सरकार किसी भी किसान को कम मुआवजा नही देगी। हर किसान को योग्य मुआवजा दिया जायेगा। कॉरिडोर में अगर सबसे ज्यादा रकबा लक्खा सिंह के परिवार का आ रहा है। रंधावा ने कहा कि पाकिस्तान को पासपोर्ट की शर्त को खत्म करना चाहिए।
जमीन की कीमत पर कुछ साफ नहीं: सूबा सिंह
किसान बचाओ कमेटी के उप प्रधान सूबा सिंह ने बताया कि अभी तक किसानों के जमीन के उचित मूल्य को लेकर कुछ साफ तौर पर निश्चित नही हो पाया है। सूबा सिंह ने बताया कि वह एसडीएम को जमीन के उचित मूल्य को लेकर मिले हैं और एसडीएम ने जमीन के मुआवजा राशि पर दोबारा रिव्यू करने का आश्वासन दिया है।