फरीदाबाद के गांव खंदावली निवासी जुनैद की हत्या मामले में सीबीआई ने हलफनामा दाखिल कर कहा है कि वह इस मामले की जांच नहीं कर सकती। सीबीआई ने कहा कि उन पर पहले ही काम का बोझ है और ऐसे में यह मामला उन्हें नहीं दिया जाना चाहिए। हालांकि सीबीआई ने कहा कि यदि कोर्ट आदेश करेगी तो सीबीआई जांच करने को तैयार है।
इससे पहले जुनैद के पिता ने पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट में शपथ पत्र देकर कहा था कि उसने समझौते के लिए दो करोड़ रुपये और तीन एकड़ जमीन की मांग सरकार से कभी नहीं की। इस पर अब हाईकोर्ट में पुलिस ने हाईकोर्ट में एक संक्षिप्त हलफनामा देकर कहा कि जुनैद के पिता झूठ बोल रहे हैं। उसने पंचायत के सामने पैसे व जमीन की मांग की थी।
हाईकोर्ट ने सभी जवाब को रिकार्ड पर रखते हुए मामले पर बहस के लिए सुनवाई 17 नवंबर तक स्थगित कर दी। सरकार के वकील ने पिछली पेशी पर आरोप लगाया था कि पीड़ित परिवार ने सीबीआई से जांच की मांग करने वाली यह याचिका केवल इसलिए दायर की है सरकार ने समझौते के लिए उसकी 2 करोड़ रुपये व तीन एकड़ जमीन की मांग नहीं मानी।
याची के मुताबिक इस केस में रेलवे पुलिस की जांच अभियुक्तों को फायदा पहुंचाने वाली रही है। इसी का नतीजा है कि अधिकतर अभियुक्तों को जमानत भी मिल चुकी है। जुनैद की हत्या उस समय हुई थी जब वह ईद की खरीदारी कर अपने रिश्ते के भाइयों के साथ ट्रेन से घर लौट रहा था। सीट को लेकर हुई कहासुनी ने खूनी झगड़े का रूप ले लिया था, जिसमें जुनैद की मौत हो गई थी और उसके भाई शाकिर और हाशिम घायल हो गए थे।