बठिंडा में धुंध के कारण आपस में टकराए कई वाहन
बठिंडा-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर बुधवार को सुबह हुए हादसे के बाद दूसरी बस का इंतजार कर रहे विद्यार्थियों को तेज रफ्तार टिप्पर ने रौंद दिया। हादसे में 9 छात्रों की मौके पर मौत हो गई और करीब 12 लोग घायल हो गए। वहीं कुछ देर बाद इसी रोड पर दो अन्य बसों की टक्कर से एक के बाद एक 20 वाहन भिड़ गए। धुंध की वजह से ब्रेक न लगने के कारण यह हादसा हुआ। इसमें एक अध्यापिका की मौत हो गई और करीब 20 लोग जख्मी हो गए।
भाईका कंपनी की प्राइवेट बस बुधवार को रामपुरा से बठिंडा आ रही थी। इसकी बठिंडा-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर सामने से आ रही पीआरटीसी की बस के साथ टक्कर हो गई। हादसे के बाद प्राइवेट बस की सवारियां ड्राइवर साइड की खिड़की से नीचे उतर गईं। उनमें अधिकांश विद्यार्थी थे और सरकारी बस की सवारियां भी नीचे उतरीं। वे सभी जब सड़क के किनारे खडे़ होकर दूसरी बस का इंतजार कर रहे थे तो दूसरी ओर से तेज रफ्तार आ रहे सीमेंट के टिप्पर चालक ने हादसे को देखने के चक्कर में उन पर टिप्पर चढ़ा दिया। इसकी चपेट में आने से नौ छात्रों की मौके पर मौत हो गई और करीब 12 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं कई लोगों ने जब टिप्पर खुद पर चढ़ता देखा तो उन्होंने रोड से नीचे कूदकर अपनी जान बचाई, हालांकि उनको भी मामूली चोटें आई हैं। हादसे के बाद चालक मौके पर टिप्पर छोड़कर फरार हो गया।
मृतकों की पहचान रफी मोहमद (20) निवासी दयालपुरा मिर्जा छात्र राजिंदरा कॉलेज बठिंडा, विनोद मित्तल (18), शिखा (17), खुशबीर कौर (20), जसप्रीत कौर (18), नेनसी (19) सभी निवासी रामपुरा व मनप्रीत कौर (18) निवासी लहरा खाना गांव, ईश्वर (18) निवासी भुच्चो, लवप्रीत कौर निवासी क्लर्क फूड सप्लाई बठिंडा के तौर पर हुई है। सभी डीएवी और राजिंदरा कॉलेज के विद्यार्थी थे। इस हादसे में करीब 10 विद्यार्थियों समेत कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इन्हें आदेश अस्पताल में दाखिल करवाया गया है।