निजी कारणों का हवाला देते हुए याचिका दूसरी बेंच को की रेफर
मुख्य न्यायाधीश अब याचिका पर सुनवाई के लिए निर्धारित करेंगे नई बेंच
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के करीबी रहे भरत इंदर सिंह चहल को शुक्रवार को भी पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से राहत नहीं मिल पाई। दो दिन चली सुनवाई के बाद जस्टिस विकास बहल ने निजी कारणों का हवाला देते हुए इस मामले में आगे सुनवाई से इन्कार कर दिया। याचिका को मुख्य न्यायाधीश के पास भेजा गया है, जो सुनवाई के लिए नई बेंच निर्धारित करेंगे।
भारत इंदर चहल ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा था है कि मौजूदा आम आदमी पार्टी की सरकार बीती सरकार के नेताओं और उनके करीबियों के खिलाफ राजनीतिक रंजिश के तहत कार्रवाई कर रही है। इसके तहत ही याची को भी फंसाने की कोशिश की जा रही है। ऐसे में चहल ने अब हाईकोर्ट से मांग की है कि पिछले साल नवंबर में उनके खिलाफ विजिलेंस ने जो जांच शुरू की है। गत माह उनके खिलाफ इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई थी। चहल ने बताया है कि उनकी तरफ से अपने सभी बैंक खातों, संपत्ति और आय की पूरी डिटेल दी जा चुकी है, बावजूद इसके उन्हें रंजिश के तहत फंसाया जा रहा है। अब वे 75 साल के हैं व जांच में सहयोग देने के लिए तैयार हैं, इसलिए उन्हें अग्रिम जमानत दी जाए।