ड्रग्स मामले में पटियाला जेल में बंद अकाली नेता व पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया को बड़ा झटका लगा है। उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही बेंच से जस्टिस अनूप चितकारा ने केस से खुद को अलग कर लिया है। इससे पहले जस्टिस एजी मसीह ने भी सुनवाई से खुद को अलग किया था। अब इस केस के लिए मुख्य न्यायाधीश फिर से नई बेंच गठित करेंगे।
पिछली चन्नी सरकार के कार्यकाल के दौरान मजीठिया के खिलाफ ड्रग तस्करी मामले में एफआईआर दर्ज हुई थी। इस मामले में मजीठिया ने सुप्रीम कोर्ट में ड्रग्स केस खारिज करने की याचिका दायर की थी। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया था। उन्होंने मजीठिया को इस संबंध में हाईकोर्ट की डिवीजनल बेंच में जाने को कहा था।
चार जुलाई को उनकी जमानत याचिका पर फैसला आना था लेकिन उससे पहले जस्टिस एजी मसीह से सुनवाई से मना कर दिया था। ड्रग्स केस में मजीठिया पर गंभीर आरोप लगाए गए थे। इसमें कहा गया कि कनाडा के रहने वाले ड्रग तस्कर सतप्रीत सत्ता मजीठिया की अमृतसर और चंडीगढ़ स्थित सरकारी कोठी में भी ठहरते रहे।
यहां तक कि मजीठिया ने उसे गाड़ी और गनमैन दे रखा था। मजीठिया चुनाव के लिए नशा तस्करों से फंड लेते रहे। इसके अलावा दबाव डालकर नशा दिलवाते रहे। नशा तस्करों के बीच समझौते करवाने का भी उन्हें आरोपी बनाया गया है। हालांकि अकाली दल इसे राजनीतिक बदला लेने की कार्रवाई करार देता रहा।