जेबीटी-टीजीटी टीचर भर्ती घोटाले में सह आरोपी सरकारी स्कूल में बतौर टीचर तैनात नरेश को जिला अदालत से शुक्रवार को अंतरिम राहत मिल गई। अदालत ने 17 फरवरी तक उसकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।
हालांकि अदालत ने नरेश को पुलिस जांच भी ज्वाइन करने के आदेश दिए हैं। नरेश की ओर से उनके वकील सज्जन सिंह मलिक ने अदालत में दायर अग्रिम जमानत याचिका में कहा कि पुलिस उन्हें मामले में झूठा फंसा रही है।
उनका नाम एफआईआर में भी दर्ज नहीं है। पुलिस ने अन्य आरोपियों की डिस्क्लोजर रिपोर्ट के आधार पर उनके खिलाफ केस दर्ज किया है। जब मामले में कोई रिकवरी ही नहीं हुई है तो ऐसे में उनके खिलाफ केस बनाने का कोई आधार ही नहीं बनता।
वहीं पुलिस अब तक घोटाले के मास्टर माइंड मिथिलेश पांडे को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। वहीं पुलिस ने दाखिल जवाब में नरेश को अग्रिम जमानत देने का विरोध करते हुए आगे की जांच के लिए उसकी गिरफ्तारी जरूरी बतायी थी।