जाट हिंसा पर प्रकाश सिंह ने सीएम को रिपोर्ट सौंपते।
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जाट आरक्षण आंदोलन के बाद आई प्रकाश सिंह कमेटी रिपोर्ट के साइड इफेक्ट क्या होंगे यह बाद में पता चलेगा, फिलहाल गृह विभाग के अलावा सूबे के तत्कालीन डीजीपी यशपाल सिंघल को कमेटी ने सीधे तौर पर कटघरे में खड़ा कर दिया है।
कमेटी की रिपोर्ट ने राज्य पुलिस के मुखिया पर जो आरोप लगाए हैं। उससे स्पष्ट है कि सरकार को कहीं न कहीं इन आरोपों की भनक पहले ही लग गई थी। इसके चलते हरियाणा के डीजीपी को पद से हटाया गया।
सूत्रों के मुताबिक कमेटी ने रिपोर्ट में जो सवाल उठाए हैं उसमें तीन बिंदुओं पर राज्य के तत्कालीन पुलिस प्रमुख को घेरा है। कमेटी ने कहा है कि डीजीपी घटना के समय हेलीकॉप्टर से जिलों का दौरा कर सकते थे। उनका जिलों में यह दौरा करना ही एक बड़ा मैसेज देता।
इसके अलावा डीजीपी ने उपद्रव के दौरान पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कान्फ्रेंस क्यों नहीं की। तीसरी बड़ी टिप्पणी यह की है कि जांच के दौरान पता चला है कि ऐसा नहीं लग रहा था कि डीजीपी उस समय लीडरशिप दे पा रहे थे।