जाट आरक्षण आंदोलन के अगुवा जाट नेता यशपाल मलिक सहित पांच नामजद और करीब 125 अन्य पर देशद्रोह का मामला दर्ज। प्रदेश में जाट आरक्षण आंदोलन के अगुवा और अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक सहित पांच नामजद और करीब 125 अन्य के खिलाफ पुलिस ने शुक्रवार को भड़काऊ भाषण देने तथा देशद्रोह का मामला दर्ज कर लिया।
जाट आरक्षण आंदोलन के बाद पुलिस की ओर से देशद्रोह के केस की यह तीसरी कार्रवाई है। इससे पहले पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के राजनीतिक सलाहकार रहे प्रो.विरेंद्र और दलाल खाप के प्रवक्ता मानसिंह दलाल और छछरौली के पूर्व विधायक रोशनलाल आर्य के खिलाफ पुलिस ने देशद्रोह का मामला दर्ज किया है। यशपाल मलिक के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए पुलिस ने 25 मई को जींद की जाट धर्मशाला में हुई संघर्ष समिति की बैठक को आधार बनाया है।
पुलिस के अनुसार हैड कांस्टेबल सुरेश कुमार ने शहर थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 25 मई को जींद की जाट धर्मशाला में अखिल भारतीय आरक्षण संघर्ष समिति जिला स्तरीय बैठक हुई। इसमें 100-125 के आसपास लोग पहुंचे। बैठक में मुख्य वक्ता के तौर पर आए संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक, ईश्वर सिंह मोर, राज सिवाच, कृष्ण किरमारा, गांव डूमरखां निवासी कृष्ण श्योकंद ने जातीय टिप्पणी करके भड़काऊ भाषण दिया।
बैठक में मौजूद लोगों ने भी जातीय टिप्पणी करके दंगे भड़काने का प्रयास किया। पुलिस ने इन सभी आरोपियों को नामजद करके 100-125 अन्य के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने तथा देशद्रोह का मामला दर्ज किया है। डीएसपी दिनेश यादव ने बताया कि मलिक समेत पांच लोगों को नामजद कर 125 अन्य के खिलाफ 124ए, 153ए (1), 153बी के तहत मामला दर्ज किया है। वीडियों व ऑडियो की जांच की जाएगी।
पुलिस ने वीडियो को बनाया कार्रवाई का आधार
जाट भवन में मीटिंग
- फोटो : amar ujala
शहर थाना पुलिस ने जाट नेता यशपाल मलिक तथा अन्य पर दर्ज हुए मामलों का आधार बैठक के दौरान बनाई गई वीडियों तथा ऑडियो क्लिप है। पुलिस को दावा है कि वीडियो में मलिक तथा अन्य लोग जाति विशेष के खिलाफ भाषणबाजी कर रहे है और दंगों को भड़काने का प्रयास किया जा रहा है।
वीडियो में क्या विडियो में कुछ जाट नेता एक जाति और दो लोगों के नाम लेकर उनके बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी कर रहे हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार मीटिंग में आरोपी जाट नेता दो लोगों के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग कर रहे हैं। इससे पुलिस को जातीय दंगे भड़कने की आशंका है। शपाल मलिक ने प्रदेश के उन अधिकारियों को भी आंदोलन करने को कहा है, जिन पर प्रकाश सिंह आयोग की सिफारिश के आधार पर कार्रवाई हुई है। यशपाल मलिक ने ऐसे लोगों का साथ देने का आश्वासन भी दिया है।
नहीं हटेंगे पीछे : यशपाल मलिक अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक का कहना है कि सब जान-बूझकर किया गया है। 26 मई को हाईकोर्ट ने आरक्षण पर स्टे लगाया और 27 मई को मुकदमा दर्ज किया गया है। यह साजिश का हिस्सा है, ताकि जाट आंदोलन न कर सकें। सरकार भले ही कितनी भी कोशिश कर ले, कौम के लिए लड़ाई जारी रहेगी। किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेंगे।
डीजीपी ने दे दिए थे संकेत पुलिस महानिदेशक डॉ. केपी सिंह ने वीरवार को ही संकेत दे दिए थे कि प्रदेश के बाहर के जाट नेताओं पर मुकदमे दर्ज होंगे। उन्होंने जींद में बिना किसी का नाम लिए कहा था कि प्रदेश में बाहर के लोग ही आकर यहां लड़ाई करते हैं। ऐसे में अब भी जो लोग यूपी से आकर यहां लड़ाई करवाना चाहते हैं, पुलिस उनसे सख्ती से निपटेगी।