हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भाजपा से कहा है कि वह जाट आरक्षण के मामले में भ्रम और अनिश्चितता की स्थिति स्पष्ट करें।
आरोप लगाया है कि प्रकाश सिंह कमेटी की रिपोर्ट से जाहिर होता है कि पिछले दिनों सूबे में जो हिंसा हुई, उसे रोक न पाने की स्थिति के लिए प्रदेश सरकार खुद जिम्मेदार है। ऐसे में सरकार को सत्ता में बने रहने का कोई हक नहीं है ।
पूर्व सीएम ने वेंकैया नायडू कमेटी पर भी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया है कि प्रदेश सरकार पिछली बार आंदोलन से निपटने में विफलता के कारण प्रतिशोध की भावना दिखा रही है।
झूठे मुकदमे पहले भी दर्ज कराए गए और अब बड़ी संख्या में निर्दोषों को फंसाया जा रहा है। शांतिपूर्ण धरने और प्रदर्शन में शामिल वालों का पुलिस थानों में रिकार्ड दर्ज किया जा रहा है।
सरकार को ऐसे तुगलकी फरमान जारी करने से दूर रहने की चेतावनी देते हुए हुड्डा ने कहा है कि धरने पर बैठे लोगों से सरकार को बात करनी चाहिए।